एनएसएचएम का वैश्विक पर्यटन एवं आतिथ्य सम्मेलन हो गया शुरू

एनएसएचएम इंस्टीट्यूट ऑफ होटल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट, दुर्गापुर में दो दिवसीय वैश्विक पर्यटन एवं आतिथ्य सम्मेलन का आयोजन किया गया. इसका मुख्य विषय था – खाद्य, संस्कृति, गंतव्य, पर्यटन, आतिथ्य व सेवा उद्योग में रुझान एवं प्रथाओं को बढ़ावा देना.

दुर्गापुर.

एनएसएचएम इंस्टीट्यूट ऑफ होटल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट, दुर्गापुर में दो दिवसीय वैश्विक पर्यटन एवं आतिथ्य सम्मेलन का आयोजन किया गया. इसका मुख्य विषय था – खाद्य, संस्कृति, गंतव्य, पर्यटन, आतिथ्य व सेवा उद्योग में रुझान एवं प्रथाओं को बढ़ावा देना. दो दिवसीय कार्यक्रम में मुख्य भाषण, पैनल चर्चा और तकनीकी सत्र हुए. इसमें आइजीसीएटी (स्पेन) की अध्यक्ष डॉ डायने डोड, दुर्गापुर महिला कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ महानंदा कांजीलाल सहित कई प्रतिष्ठित हस्तियां मौजूद थीं. वक्ताओं ने टिकाऊ पर्यटन को बढ़ावा देने में अकादमिक संस्थानों की महती भूमिका पर जोर दिया.

समुदाय व डिजिटल मीडिया पर जोर

टाईडी पर्मा कल्चर फाउंडेशन के संस्थापक उत्सो ने समुदाय संचालित पर्यटन को पर्मा कल्चर मॉडल से जोड़ते हुए पुनर्योजी पर्यटन पर विचार रखे. द कोलकाता बज़ के ट्रैवल कंटेंट क्रिएटर अनुभव मुखर्जी ने गंतव्य ब्रांडिंग में डिजिटल मीडिया और कहानी कहने की अहमियत बतायी.

स्थायी विकास और उद्यमिता

फाइंडरब्रिज टूरिज्म के संस्थापक हिमांशु बरुआ ने उत्तर-पूर्व भारत के विविध सांस्कृतिक और स्वदेशी समुदायों को पर्यटन के केंद्र में लाने पर बल दिया. उन्होंने भोजन और संस्कृति को नवाचार, स्थिरता और गंतव्य ब्रांडिंग के सशक्त उपकरण के रूप में रेखांकित किया. यूं सम्मेलन में पर्यटन और सेवा उद्योग से जुड़े नये अवसरों व चुनौतियों पर व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत हुआ.

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By AMIT KUMAR

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