ईसीएल की इंटर्नल रिपोर्ट में खुलासा- झारखंड से ज्यादा बंगाल में होती है कोयले की चोरी

ECL Coal Theft Internal Report: ईसीएल की इंटरनल रिपोर्ट में बड़ा खुलासा. झारखंड के मुकाबले पश्चिम बंगाल की कोयला खदानों में चोरी के मामले ज्यादा दर्ज किये गये हैं. पूरी रिपोर्ट पढ़ें.

ECL Coal Theft Internal Report: सीआईएसएफ, ईसीएल सुरक्षा विभाग और पुलिस की सक्रियता के बावजूद पश्चिम बर्दवान, बांकुड़ा और पुरुलिया (पश्चिम बंगाल) जिला में फैले कंपनी की खदानों में कोयला चोरी पुराने ढर्रे पर लौटने लगी है. ईसीएल के एक इंटरनल रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि झारखंड में स्थित खदानों की तुलना में बंगाल में कोयला चोरी के मामले ज्यादा आ रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार इस साल एक मई से 31 जुलाई तक बंगाल में कोयला चोरी को लेकर स्थानीय पुलिस थानों में कुल 123 शिकायतें दर्ज करायी गयी है. इस अवधि के दौरान झारखंड के पुलिस थानों में सिर्फ 54 शिकायतें ही हुई है.

बंगाल में 162 और झारखंड में 316 छापेमारी

इस दौरान बंगाल में कुल 162 छापेमारी हुई. झारखंड में 316 बार रेड की गयी. राहत की बात यह है कि इस साल की एक फरवरी से 30 अप्रैल तक कि अवधि के दौरान बंगाल के थानों में 218 शिकायत, तो झारखंड में 113 शिकायतें हुई थी. रेड मामले में इस दौरान बंगाल में 751, तो झारखंड में 480 रेड हुई थी.

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ईसीएल की 77 में 61 खदानें बंगाल में

ईसीएल की कुल 77 कोयला खदानों में 24 खुली (ओसीपी), 48 भूमिगत (यूजी) और छह मिश्रित (खुली और भूमिगत) खदानें हैं. इसमें से 14 ओसीपी, 5 मिश्रित और 43 यूजी माइंस बंगाल में हैं. इसमें से एक खदान बांकुड़ा में और 2 पुरुलिया जिले में हैं. बाकी खदानें पश्चिम बर्धमान जिले में हैं. पिछले साल के आंकड़े देखेंगे, तो कोयला के कुल 550 लाख टन उत्पादन में 59 फीसदी बंगाल से हुआ था. ईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बंगाल में खदानें ज्यादा होने के कारण चोरी भी ज्यादा होती है. हालांकि चोरी के मामलों में गिरावट आयी है.

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1 फरवरी से 31 जुलाई 2026 तक के आंकड़े

माहकुल शिकायतेंकुल रेडकुल कोयला जब्त (टन में)
फरवरी1263321046.15
मार्च543651373.567
अप्रैल3856529.82
मई212954.117
जून6569332.325
जुलाई3764153.36

झारखंड राज्य की खदानों से जुड़ा ब्योरा

महीनाकुल शिकायतेंकुल रेडकुल कोयला जब्ती (टन में)
फरवरी471661384.72
मार्च262161835.27
अप्रैल40981238.71
मई16114637.51
जून17100575.62
जुलाई211021041.26

केंद्र-राज्य में कोयला चोरी पर होते थे आरोप-प्रत्यारोप, अब खत्म

कोयलांचल में कोयले की चोरी होना आम बात है, लेकिन वर्ष 2014 से 2020 तक सिंडिकेट बनाकर जिस तरह कोयले का अवैध खनन व तस्करी का खेल चला, उसने पूरे देश का ध्यान खींचा. ईसीएल के समानांतर ओसीपी बनाकर कोयला खनन हुआ. अरबों रुपए के घोटाले की सीबीआई और ईडी दोनों जांच कर रही हैं. जब तक पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार रही, कोयला चोरी के मुद्दे पर राज्य और केंद्र के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा. अब केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकारें हैं. फिर भी कोयला चोरी नहीं रुक रही. इस बारे में ईसीएल के अधिकारियों से बात करने पर उन्होंने कहा कि कोयला चोरी में कमी आयी है.

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By Shiv shankar thakur

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