बंगाल चुनाव के शोर में ‘सुकून’ वाली तस्वीर, दुर्गापुर में गले मिले BJP-CPM प्रत्याशी, पूर्व मेयर ने दिया ‘गुरु मंत्र’

Durgapur BJP CPM Candidates Hug: दुर्गापुर कोर्ट परिसर में बीजेपी प्रत्याशी चंद्रशेखर बनर्जी और सीपीएम प्रत्याशियों के बीच दिखी गजब की केमिस्ट्री. हिंसा के दौर में शिष्टाचार की मिसाल. जानें पूर्व मेयर रथिन रॉय ने भाजपा उम्मीदवार को क्या दी सलाह.

Durgapur BJP CPM Candidates Hug| दुर्गापुर, अविनाश यादव : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण (152 सीटें) के लिए प्रचार अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर है. राज्य के कोने-कोने से हिंसक झड़पों और राजनीतिक छींटाकशी की खबरों के बीच औद्योगिक शहर दुर्गापुर से एक ऐसी तस्वीर सामने आयी है, जिसने लोकतंत्र की खूबसूरती को जीवंत कर दिया है. शुक्रवार को दुर्गापुर कोर्ट परिसर में बीजेपी और सीपीएम के उम्मीदवारों ने अपनी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को किनारे रखकर एक-दूसरे को गले लगाया और शिष्टाचार की ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी चर्चा अब पूरे बंगाल में हो रही है.

जब कोर्ट परिसर में टकराये ‘सियासी धुरंधर’

वाकया शुक्रवार दोपहर का है. दुर्गापुर सिटी सेंटर स्थित अदालत परिसर में दुर्गापुर पूर्व से भाजपा प्रत्याशी चंद्रशेखर बनर्जी अपने समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार कर रहे थे. ठीक उसी समय सीपीएम की ओर से दुर्गापुर पूर्व के प्रत्याशी सिमंत चटर्जी, दुर्गापुर पश्चिम के प्रभास साईं और पांडवेश्वर के प्रत्याशी प्रवीर मंडल भी वहां पहुंचे.

नजारा देख दंग रह गयी आम जनता

आमतौर पर ऐसी स्थिति में नारेबाजी और तनाव देखा जाता है, लेकिन यहां नजारा बिल्कुल उल्टा था. चारों उम्मीदवारों ने जैसे ही एक-दूसरे को देखा, वे आगे बढ़े, हाथ मिलाया और गर्मजोशी से गले मिले. यह देख वहां मौजूद वकील और आम जनता दंग रह गयी.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पूर्व मेयर रथिन रॉय की ‘गुरुमंत्र’ वाली सलाह

मुलाकात के दौरान एक और दिलचस्प दृश्य तब दिखा, जब दुर्गापुर नगर निगम के पूर्व मेयर और वरिष्ठ सीपीएम नेता रथिन रॉय भाजपा प्रत्याशी चंद्रशेखर बनर्जी से मुखातिब हुए. उन्होंने चंद्रशेखर को एक अभिभावक की तरह सलाह देते हुए कहा- राजनीति बिना हिंसा के होनी चाहिए. राजनीति हमें समाज को बांटने की इजाजत नहीं देती. उनकी इस सौहार्दपूर्ण पहल को देखकर परिसर में मौजूद लोगों ने तालियां बजायी. हालांकि, कुछ लोग इसे चुनावी ‘ड्रामा’ भी कहते सुने गये.

प्रत्याशियों का संदेश- लोकतंत्र और शिष्टाचार ही हमारी पहचान

मीडिया से बात करते हुए उम्मीदवारों ने इस मुलाकात को बंगाल की संस्कृति का हिस्सा बताया. भाजपा और सीपीएम प्रत्याशियों ने एक सुर में कहा- लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल शांतिपूर्ण ढंग से होना चाहिए. हिंसामुक्त और एकता से भरा समाज बनाना ही राजनीति का असली उद्देश्य है. हम चुनावी मैदान में एक-दूसरे के खिलाफ जरूर हैं, लेकिन व्यक्तिगत रूप से हमारे मन में कोई कटुता नहीं है.

इसे भी पढ़ें

कहीं मछली लेकर प्रचार, तो कहीं प्रत्याशी ने बना दी रोटी, बाली में बजरंगबली के दर पर दिखा अनोखा भाईचारा

बंगाल में ममता का ‘चौका’ या भाजपा का ‘परिवर्तन’? 294 सीटों का पूरा गणित और 2 चरणों का चुनावी शेड्यूल, यहां जानें सब कुछ

आसनसोल दक्षिण में चढ़ा चुनावी पारा, अग्निमित्रा व तृणमूल नेता सिदान में तीखी नोक-झोंक

आसनसोल दक्षिण की सीट पर दो सुंदरियों में बड़ा मुकाबला, ‍BJP-TMC में कौन जीतेगा जनता का दिल?

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >