दुर्गापुर डीपीएल में आश्रितों का आमरण अनशन, स्थायी नियुक्ति की मांग

डीपीएल अधिकारियों ने मौके पर जाकर आश्रितों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने अपनी मांग पर अड़े रहे.

ड्यूटी में मारे गये श्रमिकों के परिवार के सदस्य भूख हड़ताल पर, प्रशासन ने समझाने का प्रयास किया दुर्गापुर. राज्य सरकार की बिजली इकाई दुर्गापुर प्रोजेक्ट लिमिटेड (डीपीएल) के प्रशासनिक भवन के बाहर शुक्रवार से ड्यूटी करते मारे गए श्रमिकों के परिवार के सदस्य (आश्रित) स्थाई नियुक्ति की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठ गये. प्रथम दिन लगभग 10 आश्रित भूख हड़ताल पर हैं. डीपीएल अधिकारियों ने मौके पर जाकर आश्रितों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने अपनी मांग पर अड़े रहे.

मामले का इतिहास

आश्रितों का दल 16 जनवरी से नौकरी की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहा था. हालांकि राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं होने के कारण शुक्रवार से आश्रितों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया. उनका कहना है कि बीते 15 वर्षों से किसी भी आश्रित को स्थायी नियुक्ति नहीं मिली है. इस बीच आश्रितों की संख्या 200 से अधिक हो चुकी है. विभिन्न अवसरों पर डीपीएल गेट के सामने आंदोलन करने के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया अभी तक नहीं शुरू हुई, जिससे आश्रित और उनके परिवार बेरोजगारी और भुखमरी की स्थिति का सामना कर रहे हैं. आश्रितों की मांग : भूख हड़ताल पर बैठी झुमुर सेन, सोमा चौधरी सहित अन्य ने कहा कि नियुक्ति पॉलिसी के बावजूद उन्हें नौकरी नहीं दी गयी. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर नियुक्ति प्रक्रिया को रोक रही है और अधिकारियों ने वर्षों तक केवल आश्वासन दिया. उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर प्रक्रिया तुरंत शुरू करने की मांग की और चेतावनी दी कि जब तक नौकरी नहीं मिलेगी, कोई भी आश्रित अन्न या जल ग्रहण नहीं करेगा.

प्रशासन का पक्ष

जन संपर्क विभाग के अधिकारी सौगात मित्रा ने बताया कि आश्रितों की मांगों का पत्र राज्य विभागीय अधिकारियों को भेजा गया है. विभाग के जीएम मौके पर पहुंचे और आश्रितों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने अनशन जारी रखने का निर्णय लिया.

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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