विष्णुपुर में हाथियों के तांडव से फसलें तबाह

संग्रामी गण मंच का प्रदर्शन, सौंपा नौ सूत्री मांगों का ज्ञापन

बांकुड़ा . जिले में हाथियों के लगातार हमलों से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. मंगलवार रात 10 हाथियों का झुंड द्वारकेश्वर नदी पार कर बिष्णुपुर के हिंगजुरी इलाके में घुस आया और आलू व सब्जियों समेत कई फसलों को रौंद दिया. ग्रामीणों का आरोप है कि हाथी घरों के आंगन से लेकर खेतों तक पहुंच रहे हैं और फसल बचाना मुश्किल हो गया है. बुधवार सुबह से प्रभावित किसान मुआवजे की मांग को लेकर विरोध कर रहे हैं. नॉर्थ बांकुड़ा फॉरेस्ट डिवीजन के डिस्ट्रिक्ट फॉरेस्ट ऑफिसर कार्यालय खुलते ही संग्रामी गण मंच के सदस्य गेट के सामने धरने पर बैठ गए. संगठन के अध्यक्ष पूर्णेंदु सरकार ने कहा कि तीन दशकों से बैठकों और प्रस्तावों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकला. जिला सचिव शुभ्रांशु मुखर्जी ने मयूरझरना प्रोजेक्ट लागू करने, हाथी हमले में मौत पर 10 लाख रुपए मुआवजा, धान के नुकसान पर 15 हजार रुपए प्रति बीघा और आलू के नुकसान पर 25 हजार रुपए प्रति बीघा देने की मांग रखी. घरों के नुकसान की भरपाई और पीड़ित परिवारों को भत्ता देने की भी मांग की गई.

जिले में सक्रिय हैं 38 हाथी

जिला वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बांकुड़ा उत्तर वन विभाग क्षेत्र में 38 जंगली हाथी सक्रिय हैं. बरजोड़ा रेंज के दक्षिण सारागोड़ा में 13, सोनामुखी रेंज के तेंतुलबांध में छह, कांटाबेशिया व भुला में पांच-पांच, उत्तर सारागोड़ा में तीन के साथ सहरजोड़ा, जी घाटी रेंज के रामकनाली, कल्लापुर, बेलियातोड़ रेंज के सथखुलिया, बांकुड़ा उत्तर रेंज के बारोमेसिया, राधानगर रेंज के सुखसेयर में एक-एक हाथी मौजूद हैं. विभाग ने सभी क्षेत्रों में आम लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है और मांगों पर विचार करने की बात कही है.

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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