रविवार को फंदा लगाकर की आत्महत्या मेयर ने कहा चुनाव के बाद भी हो सकता था एसआइआर का कार्य जिसे भी सुनवाई के लिए मिला है नोटिस, हर कोई है डरा हुआ आसनसोल/रूपनारायणपुर. सालानपुर थाना क्षेत्र के रूपनारायणपुर पुलिस फांड़ी अंतर्गत अरविंद नगर, रोड नंबर सात इलाके के निवासी व पूर्व चिरेका कर्मी नारायण चंद्र सेनगुप्ता (70) की रविवार को आत्महत्या को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है. उनकी मौत पर बाराबनी के विधायक व आसनसोल नगर निगम के मेयर विधान उपाध्याय ने चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि मृतक का नाम प्रकाशित ड्राफ्ट में नहीं था और उन्हें सोमवार को सुनवाई के लिए बुलाया गया था. जिसके कारण वह काफी मानसिक दबाव में थे और रविवार सुबह आत्महत्या कर ली. सुनवाई के डर से लोग आत्महत्या कर रहे हैं. एसआइआर के नाम पर लोगों को परेशान किया जा रहा है. आत्महत्या करने वालों में बीएलओ भी शामिल हैं. जिसकी पूरी जिम्मेदारी चुनाव आयोग को लेनी होगी. एसआइआर चुनाव बाद भी कराया जा सकता था या फिर छह माह से एक साल का समय लेकर किया जा सकता था. जिससे इतने लोगों की मौत नहीं होती. सुनवाई के लिए नोटिस पाने वाला हर व्यक्ति डरा हुआ है, इलाके में जाने पर लोग पूछ रहे हैं कि नाम न होने पर क्या उन्हें देश से बाहर निकाल दिया जायेगा. स्थानीय ग्राम पंचायत प्रधान तापस मंडल व तृणमूल के नेता मृतक के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना देने का प्रयास किया. गौरतलब है कि अरविंद नगर इलाके के निवासी नारायण चंद्र सेनगुप्ता अपनी पत्नी के साथ रहते थे. उनकी तीन बेटियां हैं. सभी की शादी हो चुकी है. जिसमें से छोटी बेटी और उनका नाम मतदाता सूची के ड्राफ्ट रोल में नहीं था और सोमवार को उन्हें कागजात लेकर सुनवाई में बुलाया गया था. उनके दोस्तों के अनुसार इस सुनवाई को लेकर वह मानसिक रूप से काफी परेशान थे. 2002 की मतदाता सूची में उनकी बेटी के नाम के साथ नारायण चंद्र का नाम है, लेकिन उनका नाम नहीं है. दोस्तों के साथ बैठने पर हर समय सुनवाई को लेकर ही बात करते थे. अचानक ऐसा कुछ कर लेंगे, किसी ने नहीं सोचा था.
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