पीड़िता और आरोपी दोनों पक्ष के 12 लोगों पर पॉक्सो व बाल विवाह रोधी कानून का मामला

दुष्कर्म कांड की जांच कर रहे दुर्गापुर थाना के अवर निरीक्षक मोहम्मद अली ने पीड़िता और आरोपी दोनों ही परिवारों के कुल 12 लोगों को नामजद आरोपी बनाकर थाने में शिकायत की.

दुर्गापुर. दुर्गापुर थाना में अपने किस्म का एक अनोखा मामला दर्ज हुआ. अपनी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज करानेवाली शिकायतकर्ता ही बन गयी पॉक्सो के मामले की आरोपी. दुष्कर्म कांड की जांच कर रहे दुर्गापुर थाना के अवर निरीक्षक मोहम्मद अली ने पीड़िता और आरोपी दोनों ही परिवारों के कुल 12 लोगों को नामजद आरोपी बनाकर थाने में शिकायत की. जिसके आधार पर दुर्गापुर थाना में कांड संख्या 339/25 में आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 249/250/252, पकसो एक्ट की धारा 17/23 और बाल विवाह निषेध अधिनियम की धारा 10/11 के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई. नाबालिग की शादी में शामिल दोनों परिवारों के 12 लोग बन गये नामजद अभियुक्त : दुर्गापुर थाना क्षेत्र के धंधाबाग कोड़ापाड़ा इलाके की निवासी महिला ने अपनी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म होने की शिकायत स्थानीय थाना दर्ज करायी थी. जिसमें दुर्गापुर अमराई इलाके के निवासी एक युवक को आरोपी बनाया. शिकायत के आधार पर दुर्गापुर थाना में कांड संख्या 270/25 में युवक के खिलाफ बीएनएस की धारा 65(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4/6 के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई. मामले का जांच अधिकारी दुर्गापुर थाना के अवर निरीक्षक मोहम्मद अली को बनाया गया. श्री अली ने दुर्गापुर थाना में पीड़िता और आरोपी के कुल 12 परिजनों को नामजद आरोपी बनाकर शिकायत दर्ज करायी, उसमें उन्होंने बताया कि जांच के दौरान उन्हें पश्चिम बर्दवान जिला के जुबेनाइल बोर्ड के प्रधान न्यायाधीश द्वारा छह अगस्त 2025 को जारी एक आदेशपत्र प्राप्त हुआ. जिसके अवलोकन से उन्हें पता चला कि यहां बाल विवाह निषेध अधिनियम और पॉक्सो एक्ट का उल्लंघन हुआ है. जांच अधिकारी घटनास्थल पर जाकर लोगों से पूछताछ शुरू की. जिसके यह खुलासा हुआ कि पीड़िता नाबालिग बच्ची ने 24 जुलाई 2025 को दुर्गापुर महकमा अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया है. आगे खुलासा हुआ कि पीड़िता और संदिग्ध बलात्कारी दोनों के माता-पिता और रिश्तेदारों ने मिलकर उनकी शादी पियाला, जमाईपाड़ा फरीदपुर इलाके में स्थित एक काली मंदिर में करायी है. दोनों ही नाबालिग हैं. पूछताछ में जांच अधिकारी श्री अली को पता चला कि दोनों पक्षों के बीच एक समझौता हुआ था, जिसमें पीड़िता का नाम स्पष्ट रूप से लिखा हुआ था. विवाह की तस्वीरें भी उनके हाथ लगी, जिसमें पीड़िता का चेहरा साफ दिख रहा था. शादी का फोटो और समझौता पत्र की प्रति को श्री अली ने लिफाफा में बंद करके रख दिया है. इस शादी में शामिल सभी करीबी रिश्तेदार नामजद आरोपी बन गये हैं.

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Published by: Ganesh mahto

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