भाजपा जिलाध्यक्ष ने मंत्री मलय घटक के बयान का दिया जवाब

राज्य में 2026 के विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही भाजपा और तृणमूल के बीच राजनीतिक टकराव तीखा हो गया है. दोनों ही दल लगातार एक-दूसरे पर कटाक्ष कर रहे हैं.

आसनसोल.

राज्य में 2026 के विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही भाजपा और तृणमूल के बीच राजनीतिक टकराव तीखा हो गया है. दोनों ही दल लगातार एक-दूसरे पर कटाक्ष कर रहे हैं. इसी क्रम में सोमवार को भाजपा जिलाध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य ने आसनसोल नॉर्थ स्थित भाजपा जिला कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन कर तृणमूल और राज्य के मंत्री मलय घटक पर गंभीर आरोप लगाये.

मलय घटक के बयान पर भाजपा का हमला

देवतनु भट्टाचार्य ने कहा कि कुछ दिन पहले गिरजा मोड़ में तृणमूल की एक जनसभा में मंत्री मलय घटक ने भाजपा की परिवर्तन रैली और सभा को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. मंत्री ने भाजपा की 29 तारीख की सभा का उल्लेख करते हुए बिना नाम लिए आरोप लगाया था कि सभा मंच पर शमिक भट्टाचार्य के एक तरफ “लोहा माफिया” और दूसरी तरफ “जमीन माफिया” बैठे थे. भट्टाचार्य ने पलटवार करते हुए कहा कि राज्य में प्रशासन तृणमूल चला रही है. यदि मंत्री को मालूम है कि कौन लोहा या भू माफिया है, तो प्रशासन कार्रवाई क्यों नहीं करता. उन्होंने मंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके पास प्रमाण हैं तो गिरफ्तारियां करवाई जाएं.

“शीशे के घर में रहने वाले दूसरों पर पत्थर न फेंकें”

भट्टाचार्य ने कहा कि मंत्री मलय घटक को यह बताना चाहिए कि इडी ने उन्हें कितनी बार तलब किया है. उन्होंने कहा कि जो खुद सवालों से घिरे हैं, उन्हें दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने दामन की सफाई करनी चाहिए.

अग्निमित्रा पाल के टोटो अभियान पर भी जवाब

आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पाल द्वारा हटन रोड क्षेत्र में टोटो से होने वाले जाम के खिलाफ अभियान पर मलय घटक के कटाक्ष का भी भाजपा ने जवाब दिया. भट्टाचार्य ने कहा कि तृणमूल नहीं चाहती कि हटन रोड या शहर के अन्य इलाकों से अतिक्रमण हटे, क्योंकि अतिक्रमण करने वालों में अधिकांश टीएमसी के “स्थायी वोट बैंक” से जुड़े लोग हैं. इसी कारण प्रशासन न तो टोटो के खिलाफ और न ही अतिक्रमण हटाने की दिशा में कदम उठा रहा है.

“पुलिस और प्रशासन धर्म देखकर कार्रवाई कर रहे हैं”

भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि बंगाल में प्रशासन और सरकार कार्रवाई में भेदभाव करती है. तृणमूल जिन लोगों को खुद का वोट बैंक मानती है, उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती, जबकि अन्य समुदायों पर कठोर कदम उठाए जाते हैं. उन्होंने कहा कि इसी कारण तृणमूल ने शुरुआत से एसआइआर का विरोध किया, हालांकि उनके नेता खुद एन्यूमरेशन फॉर्म भर चुके हैं.

“एक भी नाजायज मतदाता सूची में नहीं रहेगा”

भट्टाचार्य ने कहा कि एसआइआर का काम लगभग पूरा हो चुका है और भाजपा यह सुनिश्चित करेगी कि मतदाता सूची में एक भी “नाजायज मतदाता” न रहे. उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल मृत वोटरों और घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में रखना चाहती है, क्योंकि इन्हीं के सहारे चुनावी जीत हासिल होती है.

भाजपा ने तृणमूल पर “बौखलाहट” का आरोप लगाया

भट्टाचार्य ने कहा कि तृणमूल भाजपा के बढ़ते प्रभाव से परेशान है. इसलिए जहां भी भाजपा सभा कर रही है, तृणमूल वहीं जवाबी सभा कर रही है और “झूठ का पुलिंदा” बांट रही है. मौके पर भाजपा नेताओं में कृष्णेंदु मुखर्जी, अरिजीत राय, अप्पू हाजरा, कृष्ण प्रसाद आदि मौजूद थे.

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By AMIT KUMAR

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