बीरभूम में फिर बढ़ा ब्राह्मणी का जलस्तर, 25–30 गांवों के लोग परेशान, जान जोखिम में डालकर कर रहे नदी पार

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में ब्राह्मणी नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि से 25 से 30 गांवों के लोग मुश्किल में पड़ गये हैं. ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं, जबकि प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं. पढ़ें पूरी खबर.

बीरभूम से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के नलहाटी थाना क्षेत्र स्थित देवग्राम घाट पर ब्राह्मणी नदी का जलस्तर फिर बढ़ गया है. इसकी वजह से ग्रामीणों की मुश्किलें भी बढ़ गयी हैं. 2 दिन पहले जलस्तर में थोड़ी कमी आयी थी, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली थी. लेकिन, बुधवार सुबह अचानक नदी का पानी बढ़ने के बाद हालात फिर पहले जैसे हो गये हैं. लोग जान जोखिम में डालकर नदी पार करने के लिए मजबूर हैं.

बच्चों का स्कूल जाना भी हुआ मुश्किल

जलस्तर बढ़ने की वजह से ब्राह्मणी नदी के दोनों किनारों पर बसे करीब 25 से 30 गांवों के लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है. दैनिक कामकाज से लेकर इलाज, बाजार और छात्रों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है. मजबूरी में कई लोगों को किराया देकर छोटे नावों के सहारे नदी पार करना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि बढ़े हुए जलस्तर की वजह से यह यात्रा कभी भी जानलेवा साबित हो सकती है.

छोटे नाव से नदी पार करने के लिए तट पर खड़े लोग. फोटो : प्रभात खबर

हर साल मानसून में झेलनी पड़ती है समस्या

शेख इम्तियाज, शेख मुंशी समेत कई ऐसे लोग हैं, जो कह रहे हैं कि हर वर्ष बरसात के मौसम में यही स्थिति होती है. कई बार प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की गयी. हर बार आश्वासन मिला, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जब तक नदी पर स्थायी पुल नहीं बन जाता, आवागमन की परेशानी मानसून के सीजन में बनी ही रहेगी.

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प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग

ग्रामीणों ने मीडिया के जरिये जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये, ताकि लोगों को इस परेशानी से निजात मिले. ग्रामीणों ने कहा कि जब तक प्रशासन स्थायी समाधान नहीं करता, हर साल मानसून के सीजन में लोगों को इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ेगी.

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