बंगाल में पुल नहीं तो वोट नहीं, सेतु बंधन कमेटी ने दामोदर नदी पर ब्रिज निर्माण को बनाया चुनावी मुद्दा

Bengal News: पश्चिम बंगाल में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने हैं. लोगों की उम्मीद है कि सरकार चुनाव से पहले उनकी पुरानी मांगों पर विचार करेगी. लोगों का कहना है कि सरकार अगर ऐसा नहीं करती है तो लोगों का समर्थन उसे नहीं मिलेगा.

Bengal News: आसनसोल. दामोदर बिहारी नाथ सेतु बंधन कमेटी के पदाधिकारी ने सोमवार को रिवरसाइड इलाके में एक बैठक किया. जिसमें निर्णय लिया गया कि दामोदर नदी पर स्थायी सेतु बनाने की मांग को लेकर चुनाव के दरमियान प्रचार प्रसार का कार्य किया जाएगा. कमेटी की ओर से बांकुडा तथा पश्चिम बर्दवान जिले के विभिन्न इलाकों में पोस्टर लगाए जाएंगे तथा वालिंग की जाएगी.

बैठक में ये थे मौजूद

बैठक में कमेटी के महासचिव चंदन मिश्रा, शिशिर कुमार पान, पंकज दास, सुब्रत सिंह, राजीव गिरी, गौतम सरकार, कौशिक मुखर्जी, राजेश मंडल आदि शामिल थे. चंदन मिश्रा ने बताया कि दामोदर नदी पर स्थाई पक्का ब्रिज बनाने की मांग को लेकर दामोदर बिहारी नाथ सेतु बंधन कमेटी बीते कई वर्षों से आंदोलन करती आ रही है, लेकिन केंद्र तथा राज्य सरकार किसी भी ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुआ है लगातार हुए सरकारी सभी संस्थाओं में आवेदन दे चुके हैं

अस्थायी ब्रिज बनने से लोग होंगे लाभान्वित

बांकुड़ा जिले में तिलुडी, डेकिया, तथा पूरुलिया जिले के सातुडी, बर्नपुर के रीवर साइड सहित 40 आंचल पुल बनने से लाभान्वित होंगे. बांकुडा जिले में आठ अंचल है. जिसमें एक आंचल में तकरीबन 30 गांव है. तकरीबन ढाई सौ गांवों के लोग प्रत्येक दिन दामोदर नदी पर स्थित तीन बस के सेतु से यातायात करते हैं. पहला ब्रिज ईश्वर चंद्र घाट, दूसरा ब्रिज भूताबुडी, तीसरा ब्रिज कोड़ा कुड़ी के पास स्थित है, जहां से हजारों की संख्या लोग प्रत्येक दिन आवागमन करते हैं. इन तीनों ब्रिज का निर्माण सालतोड़ा प्रखंड अंतर्गत सालतोड़ा पंचायत समिति के द्वारा किया जाता है. पंचायत समिति इसके लिए बाकायदा टेंडर निकलते हैं टेंडर धारा ब्रिज निर्माण का कार्य करते हैं. ब्रिज पर से आवाजाही करने वाले राहगीरों से चुंगी के तौर पर पैसे लिए जाते हैं.

ब्रिज बनाने को लेकर फिर उठी मांग..

2008 में इस्को स्टील प्लांट के आधुनिकी तथा विस्तारित कारण के दौरान जब तत्कालीन इस्पात मंत्री बानपुर पहुंचे थे तो उन्होंने 10 मार्च 2008 को अपने दौरे के दौरान 720 मीटर ब्रिज के निर्माण के लिए 50 करोड़ की राशि इस्पात मंत्रालय की ओर से देने की घोषणा की थी. लेकिन किसी भी जिम्मेवार व्यक्ति द्वारा इस राशि को लेकर पहला नहीं करने के कारण फंड वापस चला गया उसके बाद (2022-23) में (पीडब्ल्यूडी ) पब्लिक वेलफेयर डिपार्मेंट के तत्कालीन मंत्री मलय घटक ने 70 लख रुपए की लागत से दामोदर नदी पर ब्रिज का निर्माण को लेकर जूलॉजिकल सर्वे करवाया था.

इस कंपनी ने किया था काम

राइस नमक एजेंसी के द्वारा सर्वे का कार्य किया गया था. सर्वे का कार्य पूरा होने के बाद राज्य सरकार ने बजट के दौरान नदी पर ब्रिज बनाने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि नदी पर ब्रिज बनाने की मांग चुनाव के दौरान सभी राजनीतिक पार्टियों के समक्ष रखी जाएगी जो भी राजनीतिक दल बर्नपुर की इस स्थानीय समस्या को अपने घोषणा पत्र में जगह देगा सेतु बंधन कमेटी की ओर से उसका भरपूर समर्थन किया जाएगा.

रिपोर्ट- संतोष विश्वकर्मा

Also Read: Kolkata Weather: बंगाल में आधी रात से हो रही बारिश, कोलकाता समेत इन जिलों में है ये खास अलर्ट

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >