बंगाल : शिलान्यास हुआ, बोर्ड लगा, फिर गायब हो गई सड़क, 6 महीने बाद भी जमीन पर नहीं उतरी ‘पथश्री’ योजना

पूर्व बर्दवान जिले में 'पथश्री' योजना के तहत सड़क निर्माण की हकीकत सरकारी दावों से कोसों दूर है. शिलान्यास के छह महीने बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है.

बर्धमान से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट

विकास योजनाओं के बड़े-बड़े दावों के बीच पूर्व बर्दवान जिले के पूर्वस्थली-2 प्रखंड की एक सड़क अब सवालों के घेरे में है. करीब छह महीने पहले काष्ठशाली दासपाड़ा मोड़ से स्रौतगंगा श्मशान घाट तक सड़क निर्माण का शिलान्यास पूरे सरकारी तामझाम के साथ किया गया था. अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में इसे 'पथश्री' योजना की महत्वपूर्ण परियोजना बताया गया, लेकिन आधा वर्ष बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है.

19 लाख 93 हजार होने हैं खर्च

परियोजना के लिए 19 लाख 93 हजार रुपये स्वीकृत किए गए थे.शिलान्यास पट्टिका पर निर्माण एजेंसी मा तारा कंस्ट्रक्शन एंड ऑर्डर सप्लायर्स का नाम भी दर्ज है.इसके बावजूद स्थानीय लोगों का कहना है कि आज तक मौके पर निर्माण सामग्री तक नहीं पहुंची. न ईंट, न गिट्टी, न बालू और न ही किसी प्रकार की निर्माण गतिविधि दिखाई दी.

बड़े सवाल

  • छह महीने बाद भी निर्माण कार्य शुरू क्यों नहीं हुआ?
  • 19.93 लाख रुपये की स्वीकृत परियोजना किस स्थिति में है?
  • निर्माण एजेंसी को काम कब सौंपा गया और देरी की वजह क्या है?
  • बरसात में ग्रामीणों की परेशानी की जिम्मेदारी कौन लेगा?
  • क्या नई सरकार इस लंबित परियोजना को जल्द पूरा कराएगी?

फैक्ट फाइल

  • परियोजना: पथश्री योजना के तहत सड़क निर्माण
  • स्थान: काष्ठशाली दासपाड़ा मोड़ से स्रौतगंगा श्मशान घाट, पूर्वस्थली-2, पूर्व बर्दवान
  • स्वीकृत राशि: 19.93 लाख रुपये
  • स्थिति: शिलान्यास के छह महीने बाद भी निर्माण शुरू नहीं
  • स्थानीय मांग: जल्द निर्माण शुरू हो और देरी के कारण सार्वजनिक किए जाएं.

चलने लायक नहीं रही सड़क की स्थिति

बरसात के कारण सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई है. कीचड़ और जलभराव से ग्रामीणों, विद्यार्थियों तथा अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट जाने वाले लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है. स्थानीय निवासी श्यामल चटर्जी ,पिनाकी दास आदि लोगों का कहना है कि यदि सड़क समय पर बन जाती, तो आज यह समस्या नहीं होती.

सड़क आखिर बनी क्यों नहीं

ग्रामीणों के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब परियोजना के लिए राशि स्वीकृत हो चुकी थी और शिलान्यास भी हो गया, तो आखिर छह महीने तक निर्माण कार्य शुरू क्यों नहीं हुआ. लोगों का कहना है कि विकास केवल शिलान्यास समारोह और बोर्ड तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका लाभ जमीन पर भी दिखना चाहिए.

योजना की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक करने की मांग

स्थानीय लोगों ने नई सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि परियोजना की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक की जाए, निर्माण में हुई देरी के कारण बताए जाएं और सड़क निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराया जाए.इलाके में अब यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन से जवाब का इंतजार कर रहे हैं.

Also Read: उत्तर बंगाल में पर्यटन को नयी उड़ान, सैंडकफू में बनेंगे पर्यावरण अनुकूल 10 कंटेनर होम


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >