सम्मेलन से युवा विद्यार्थियों में होगा वैज्ञानिक स्वभाव विकास, आगामी पीढ़ी भारतीय विज्ञान के बेहतर विकास लिए करे खुद को स्थापित 350 शोधकर्ताओं ने की भागीदारी, 12 विषयों पर शोधपत्र प्रस्तुत, चार जिलों को लेकर हुआ यह आयोजन आसनसोल. काजी नजरुल विश्वविद्यालय के कुलपति (वीसी) डॉ उदय बंधोपाध्याय ने कहा कि युवा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक स्वभाव को विकसित करने और विज्ञान के प्रचार प्रसार को लेकर राज्य सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग काजी नजरुल विश्वविद्यालय आठवां क्षेत्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी कांग्रेस 2025-26 कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है. शुक्रवार को विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री उज्ज्वल विश्वास दो दिवसीय इस कांग्रेस में उपस्थित रहे. इसमें चार जिलों, पूर्व, पश्चिम बर्दवान, मुर्शिदाबाद तथा बीरभूम शामिल हैं. उन्होंने कहा कि विद्यार्थी यदि विज्ञान का अध्ययन करें और विज्ञान की संस्कृति अपनाएं, तो हमारा देश और भी बेहतर हो जायेगा. हमारे सभी सुंदर बंगाली वैज्ञानिक खुद को बहुत उत्कृष्ट साबित करते हैं. इस तरह के सम्मेलन नयी सोच पैदा करता है, ताकि भविष्य की पीढ़ियां भारतीय विज्ञान के बेहतर विकास के लिए खुद को स्थापित करे सके. पूरे दिन वैज्ञानिक प्रदर्शनी होगी और भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान, कृषि आदि विभिन्न शाखाओं के अलग-अलग सत्र आयोजित होंगे और शनिवार को भी यह जारी रहेगा. गौरतलब है कि विज्ञान कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और छात्रों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी में हाल की प्रगति पर चर्चा करने तथा शैक्षणिक व अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक साझा मंच प्रदान करना है. इस क्षेत्रीय सम्मेलन में 12 अलग-अलग विषयों जैसे भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणितीय विज्ञान, इंजीनियरिंग विज्ञान, पृथ्वी विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, शरीर विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, कृषि विज्ञान, सूचना और संचार विज्ञान में विभाजित है. इस सम्मेलन में तीन स्मारक व्याख्यान और एक मुख्य भाषण हुआ. इंस्टीट्यूट ऑफ रेडियो फिजिक्स एंड इलेक्ट्रॉनिक्स, कलकत्ता विश्वविद्यालय, के प्रोफेसर देबातोश गुहा ने प्रोफेसर पीसी महालनोबिस स्मारक व्याख्यान पेश किया. प्रोफेसर आशुतोष घोष (कुलपति कलकत्ता विश्वविद्यालय) ने सर सीवी रमन स्मारक व्याख्यान प्रस्तुत किया. एनआइटी दुर्गापुर जैव प्रौद्योगिकी विभाग के प्रोफेसर (सेवानिवृत्त) सुदीप चट्टोपाध्याय ने सर जेसी बोस स्मारक व्याख्यान पेश किया. मुख्य भाषण प्रोफेसर डॉ सुधेंदु मंडल (पूर्व यूजीसी प्रोफेसर और पूर्व निदेशक, राष्ट्रीय पुस्तकालय, संस्कृति मंत्रालय, कोलकाता) ने दिया. डीएसटीबीटी के सचिव विजय भारती, रामकृष्ण मिशन आसनसोल के सचिव स्वामी सोमात्मानंद महाराज, संरक्षक और कुलपति, काजी नजरूल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर उदय बंदोपाध्याय, जाने-माने वैज्ञानिक और शिक्षाविद प्रो आशुतोष घोष (वाइस चांसलर, कलकत्ता यूनिवर्सिटी), प्रो डीके माइती (वाइस चांसलर, विश्व बांग्ला विश्वविद्यालय), प्रो एस मुखोपाध्याय (वाइस चांसलर महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी), प्रो पीके चक्रवर्ती (वाइस-चांसलर, सिधो-कान्हो-बिरसा यूनिवर्सिटी), प्रो जेन आलम ( वाइस-चांसलर, मुर्शिदाबाद यूनिवर्सिटी), प्रो एके पांडा ( वाइस-चांसलर, रानी रासमणि ग्रीन यूनिवर्सिटी) और प्रो रफीकुल इस्लाम (वाइस-चांसलर, आलिया यूनिवर्सिटी) गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर मौजूद रहें.
विज्ञान का अध्ययन करें, इसकी संस्कृति अपनाने से देश बनेगा और सुंदर : वीसी
पहल. विज्ञान के प्रचार-प्रसार को लेकर केएनयू में क्षेत्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कांग्रेस का आयोजन
