विषम परिस्थितियों में भी दृढ़ इच्छाशक्ति आयी काम

आसनसोल : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षा में डीएवी पब्लिक स्कूल (कन्यापुर) की बारहवीं कक्षा की मधुलिका मंडल ने 471 अंक (94.2 प्रतिशत) लाकर विज्ञान संकाय में टॉपर स्टूडेंटस की सूची में अपनी जगह बनायी. उसने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और लगन को इस सफलता का परिणाम बताया. उसके बेहतर प्रदर्शन से उसके अभिभावक काफी […]

आसनसोल : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षा में डीएवी पब्लिक स्कूल (कन्यापुर) की बारहवीं कक्षा की मधुलिका मंडल ने 471 अंक (94.2 प्रतिशत) लाकर विज्ञान संकाय में टॉपर स्टूडेंटस की सूची में अपनी जगह बनायी. उसने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और लगन को इस सफलता का परिणाम बताया. उसके बेहतर प्रदर्शन से उसके अभिभावक काफी खुश है. वह उच्च शिक्षा ग्रहण कर शिक्षण क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहती है. आध्यात्म के प्रति अगाध स्नेह और श्रद्धा रखने वाली मधुलिका भागवत गीता का प्रचार-प्रसार करना चाहती है.
मधुलिका ने बताया कि उसके पिता माधव मंडल पुलिस सेवा में अधिकारी तथा मां केका मंडल गृहिणी हैं. इस समय वह पिता के साथ आसनसोल पुलिस लाइन में रहती हैं. पिता के बार-बार ट्रांसफर होने से उसकी पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हुइ. पिता के सात साल के सर्विस के दौरान हुए हुए तबादले के कारण मधुलिका को 14 स्कूलें बदलनी पड़ी हैं. हर छह माह में उसे स्कूल बदलना पड़ता था. मां केका मंडल ने बताया कि हर छह माह में उनके पति का तबादला हो जाता. जिस कारण मधुलिका को स्थान, स्कूल बदलना पड़ता. हर छह माह के बाद नये स्कूल, माहौल के बदलाव को उसका बाल मन स्वीकार नहीं कर पाता था.
वह स्कूल जाने से कतराती थी. पिता के तबादले के कारण अंग्रेजी स्कूल की छात्र मधुलिका को विवशता में मंतेश्वर, रायना, कटवा में बांग्ला माध्यम स्कूलों में पढ़ना पड़ा. एक बार तो स्कूल में दाखिला न मिलने के कारण छह माह घर पर बैठना पडा. बार- बार के तबादले से बच्ची के कोमल मन पर जो प्रभाव हो रहा था, उसकी जो मन स्थिति हो चली थी, उससे सभी चिंतित थे. मधुलिका ने कहा कि हर बार नया स्कूल जाना पडता था. पूरा माहौल बदल बदला लगता था. पुराने दोस्त नहीं मिलते. नये दोस्तों, नये स्कूल, नये माहौल के साथ एडजस्ट नहीं कर पाती थी.
श्री मंडल ने कहा कि वर्ष 2003 से 2010 के बीच कई बार तबादला किया गया. बराकर आइसी से मंगलकोट थाना, कइचड फांडी, मंतेश्वर थाना, कटवा थाना, बर्दवान पुलिस लाइन, रायना थाना से विरभूम जिला के डीआइबी विभाग में भेजा गया.
फिर सालानपुर थाना, आसनसोल पुलिस लाइन से चित्तरंजन थाना, शक्तिगढ़ फांडी, नियामतपुर फांडी, विरभूम के पाडुइ से भतार थाना, फिर दुर्गापुर के डीआइबी विभाग तथा कूचबिहार में तबादले का निर्देश आया. जिसके बाद उनकी पत्नी केका ने बच्ची मधुलिका और बेटे को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से कोलकाता के नवान्न में जाकर गुहार लगायी. तबादले से बच्चों के जीवन बर्बाद होने की आशंका जतायी. मुख्यमंत्री सुश्री बनर्जी ने पूरी बात सुनने के बाद तबादले का निर्देश रद्द कर दिया जिसके बाद उनकी पोस्टिंग आसनसोल में किया गया. मधुलिका ने कहा कि वह राधाकृष्ण की भक्त है. लोगों के बीच राधाकृष्ण के भक्ति गाने एवं कहानियों का प्रचार करती हैं.

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