कम्प्यूटर प्रशिक्षण केंद्र से सर्टिफिकेट के िलये जाने के दौरान िकया अपहृत
आद्रा : अपनी सूझबूझ और साहसिक प्रयास से सत्यसाधन रजक अपहरणकर्ताओं के चंगुल से भाग िनकला. पुरूलिया मपसील थाना क्षेत्र के सिमुलबेिरया गांव के रहने वाले सत्यसाधन ने बताया िक रविवार को वह शहर के जिलाशासक कार्यालय के निकट स्थित कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र से सर्टिफिकेट लेने गया था. उसी समय एक मारुति वैन उसके सामने आया. इससे पहले िक वह कुछ समझ पाता वैन में बैठे लोगों ने उसे जबरन अंदर उठा िलया.
उसके बाद उसके नाक पर रुमाल रख उसे बेहोश कर िदया. होश आने पर उसने खुद को जंगल में पाया. अपहरणकर्ता वैन के नीचे बैठ कर हिन्दी में किसी से फोन पर बात कर रहे थे. वे कह रहे थे िक माल हमारे पास है. रुपये का जल्दी से इन्तजाम करो. अपहरणकर्ताओं में चालक सहित तीन पुरुष तथा एक महिला शामिल थीं. वैन से बाहर निकलने पर वे मुझे पीटने लगे. मैंने भी उनका िवरोध शुरू िकया. इसी क्रम में मौका मिलते ही मैं जंगल के रास्ते भाग िनकला. कुछ दूर तक उन्होंने मेरा पीछा िकया
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बीच में नदी होने पर उसे तैर कर पार कर गया. लेिकन वे लोग नहीं आ पाये. किसी तरह पहले बांकुड़ा के कोतुलपुर पहुंचा. वहां से फिर बस से िवष्णुपुर पहुंचा. वहां से बांकुड़ा होते हुये रविवार की रात को िकसी तरह घर पहुंचा. उल्लेखनीय है िक सत्य साधन रजक पुरूलिया जिले के प्रभावशाली तृणमूल कांग्रेस नेता सह जिला प्राथमिक शिक्षा संसद के चेयरमैन हेमंत रजक का भांजा है. सोमवार को हेमंत रजक ने पुरूलिया सदर थाने में घटना को लेकर शिकायत दर्ज कराई. श्री रजक ने कहा िक पुिलस से मामले की गंभीरता से जांच करने की गुहार लगायी गयी है.
