आसनसोल : सात सूत्री मांगों को लेकर पांच केंद्रीय मजदूर संगठनों की ओर से कोयला उद्योग में आगामी 19 जून से 21 जून तक होनेवाली हड़ताल की घोषणा से कोयला मंत्रलय बैकफुट पर आ गया लगता है. कोयला मंत्री पीयूष गोयल के निर्देश पर कोयला मंत्रलय, कोल इंडिया लिमिटेड तथा सीएमपीएफ के अधिकारी हड़ताल स्थगित कराने के लिए एकबारगी सक्रिय हो गये हैं. पांच व छह जून को जेबीसीसीआइ-10 की बैठक हो सकती है. इसकी सांवना ारतीय मजदूर संघ के कोल, नन कोल प्रारी तथा जेबीसीसीआइ सदस्य डॉ बसंत कुमार राय ने जतायी है.
क्या है मामला: साढ़े तीन लाख कोयला मजदूरों के 10वें वेतन समझौते के लिए जेबीसीसीआइ-10 की तीन बैठकें हो चुकी हैं. लेकिन वेतन समझौते की दिशा में कोई सार्थक पहल नहीं हो सकी है.
यूनियनों का आरोप है कि केंद्रीय सरकार के निर्देश पर सीआइएल प्रबंधन लगातार असहयोग कर रहा है. इसी बीच कोयला मंत्रलय ने सीएमपीएफओ का इपीएफओ में विलय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी. वेतन समझौते पर कोल इंडिया प्रबधन के रूख से पहले से ही नाराज चल रहे मजदूर संगठनों को मंत्रलय के इस कदम ने और ाड़का दिया. नौ मई को दिल्ली स्थित बीएमएस कार्यालय में पांच केंद्रीय यूनियनों की संयुक्त बैठक हुयी. जिसमें सर्वसहमति से आगामी 19 जून से 21 जून तक त्रिदिवसीय राष्ट्रीय कोयला हड़ताल करने का फैसला लिया गया. बैठक के बाद उसी दिन हड़ताल की नोटिस कोयला मंत्रलय के सचिव तथा कोल इंडिया लिमिटेड (सीआइएल) प्रबंधन को जारी कर दी गयी. हड़ताल को सफल बनाने के लिए मजदूर संगठनों ने जमीनी स्तर पर तैयारी शुरू कर दी.
हड़ताल टालना चाहती है सरकार
जानकारों का मानना है कि हड़ताल को लेकर मजदूर संगठनों की तैयारियों ने कोयला मंत्रलय को सोचने पर मजबूर कर दिया है. दूसरे नरेन्द्र मोदी सरकार के तीन साल के जश्न और ाजपा के अगले चुनाव की तैयारियों की वजह से ी सरकार इस हड़ताल को टालना चाहती है. यही कारण है कि अधिकारियों को रेस किया गया है. पहले कोल इंडिया प्रबंधन ने आगामी 29 मई को बैठक बुलायी. मजदूर संगठनों ने इस बैठक मं ाग लेने से साफ इंकार कर दिया. इसके बाद सीएमपीएफआयुक्त ने ी हड़ताल के मुद्दे पर ही आगामी 31 मई को बैठक बुलायी. मजदूर नेताओं ने सीएमपीएफ के अधिकार पर सवाल उठाते हुए इस बैठक में ी शामिल होने से इंकार कर दिया. इसके बाद कोल इंडिया लिमिटेड के कार्मिक निदेशक (प्रारी) एसएन प्रसाद ने दो जून को दिल्ली में बैठक बुलायी है. बैठक का विषय- ‘महत्वपूर्ण चर्चा’है न कि हड़ताल. सूत्र बताते हैं कि दो जून की बैठक में सीएमपीएफ के विलय के मुद्दे पर प्रबंधन के स्तर से ठोस आश्वासन मिलने की सांवना है. हड़ताल के मद्देनजर कोयला मंत्रलय ने विलय की प्रक्रिया धीमी कर दी है. बीते 14-15 मई को होनेवाली बैठक नहीं हुयी है.
पहले डेड लाइन 31 मई थी. जिसे बढ़ा कर 31 अगस्त कर दी गयी है. बताते हैं कि आगामी दो जून की बैठक के बाद पांच-छह जून को जेबीसीसीआइ-10 की चौथी बैठक हो सकती है. क्योंकि सीएमपीएफ के विलय पर कुछ ठोस आश्वासन मिलने के बाद ही वेतन समझौते पर बात आगे बढ़ सकती है.
