पीिड़त ने महकमा शासक से लगायी न्याय की गुहार
दुर्गापुर : माता-पिता भगवान से प्रार्थना करते हैं कि उनके घर में एक बेटा हो जो उनके बुढ़ापे का सहारा बने. लेकिन वही बेटा बुढ़ापे का सहारा न बनकर उन्हें घर से निकाल दे तो उस समय माता-पिता के दिल पर क्या गुजरेगी? ऐसा ही एक घटना कांकसा थाना क्षेत्र के वामूनआरा निवासी प्रदीप दासगुप्ता के साथ हुयी है. उनके मझले बेटा प्रवीर दासगुप्ता और बहू डािलया दासगुप्ता ने मारपीट करते हुये उन्हें घर से बाहर कर दिया है. मौजूदा समय में प्रदीप दासगुप्ता छोटे बेटे सुबीर दासगुप्ता के यहां मोचीपाड़ा खाटपुकुर में डेरा डाले हुये हैं.
घर उनके नाम पर होने की वजह से उन्होंने दुर्गापुर महकमा शासक शंख सांतरा को िलखित िशकायत पत्र देकरबेटा-बहू के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है. घर वापस लौटाने की अपील की है. श्री शंख सतारा ने कहा कि विषय की जानकारी लेने के बाद ही कारवाई की जायेगी. कांकसा थाना पुलिस को विषय को देखने के लिए कहा गया है. प्रदीप दासगुप्ता ने बताया कि बारह साल पूर्व एक निजी कंपनी से सेवानिवृत होने के बाद जो रुपये मिले थे, उससे वे मकान बना कर रह रहे थे. बड़ा बेटा िसलीगुड़ी में पत्नी, बच्चों संग रहते हैं.
छोटा बेटा परिवार के साथ खाटपुकुर में रहता है. उनके साथ मझला बेटा और बहू रहते थे. लेकिन कुछ महीने से उनकी संपत्ति हड़पने की सािजश की जा रही थी. घर उनके नाम पर नहीं किये जाने की वजह से उन लोगों ने मारपीट करते हुए घर से निकाल दिया. थाना में शिकायत करने गये तो शिकायत नहीं ली गयी.
