आइएसपी के सीएमएस में तरल लौह्य से मृत श्रमिकों की संख्या पहुंची चार
आधा दर्जन का इलाज चल रहा विभिन्न अस्पतालों मे, आश्रितों को नौकरी
बर्नपुर. सेल-आइएसपी के बेसिक ऑक्सीजन प्लांट के सीएमएस में लेडल से तरल लौह्य छलकने से झुलसे श्रमिक में से शंकर नाग (40) तथा संदीप चटर्जी (25) ने रविवार को ‘द मिशन अस्पताल’ में इलाज के दौरान रविवार को दम तोड़ दिया. इनके बाद इस दुर्घटमा में मृतकों की संख्या बढ़ कर चार हो गयी है.
सनद रहे कि शनिवार को तड़के सुबह सीएमएस से ओवर हेडक्रेन के जरिये लेडल से गर्म तरल लोहा ले जाया जा रहा था. तकनीकी कारणों से झटका लगने के बाद तरल लौह नीचे गिर गया. नीचे कार्य कर रहे नौ ठेका श्रमिक इसके प्रभाव में आकर बुरी तरह से झुलस गये थे. जिनमें से दो- शहनवाज शेख तथा आशीष सिक्का की मौत घटना स्थल पर हो गयी थी.
आइएसपी के रेस्कू टीम ने सात घायल श्रमिकों को तुरंत बर्नपुर अस्पताल में दाखिल कराया.बर्नपुर अस्पताल के चिकित्सको ने उनकी हालत गंभीर देख कर झुलसे ठेका श्रमिक – आशीष साव (32), शंकर नाग (40), संदीप चटर्जी (25) तथा शेख सलीम खान (45) को बेहतर इलाजे के ळिए दुर्गापुर के ‘द मिशन अस्पताल’ में भेज दिया. जिनमें से शेख सलीम को 20 फीसदी ही झुलसा था. जबकि बाकी के तीन ठेका श्रमिक 80-90 फीसदी झुलस गये थे. जिनमें से शंकर की रविवार को मौत हो गयी. इसी परिवार से जुड़े संदीप चटर्जी (25) वर्ष की हालत दोपहर में गंभीर बनी हुयी थी. परिवार में शोक का माहौल था. दोपहर 2.30 बजे शंकर की मृत्यु की खबर देने के लिए श्रमिक यूनियन नेता तथा प्रबंधन के अधिकारी डीजीएम (क ंट्रेक्टर) कुणाल सेन को साथ लेकर सूर्यनगर पहुंचे.
मौके पर आसनसोल आयरन एंड स्टील वर्कर्स यूनियन (इंटक) के महासचिव हरजीत सिंह, विजय सिंह, आयरन स्टील एंड इंजीनियरिंग वर्कर्स यूनियन (एचएमएस) महासचिव मुमताज अहमद, यूनाईटेड आयरन एंड स्टील वर्कर्स यूनियन (एटक) नेता आरएन सिंह, एबीके मेटल एंड इंजीनियरिंग वर्कर्स यूनियन (सीटू) के महासचिव तरूणकांत भटाटाचार्य, बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संध यूनियन(बीएमएस) दीपक कुमार सिंह आदि ने मिलकर शंकर की माता को समझौता की प्रति प्रदान किया. श्री सिंह ने कहा कि शंकर के एक आश्रित को नौकरी मिलेगी. साथ ही उसकी माता के बैंक खाते की जानक ारी ले ली गयी है. मुआवजे की राशि को सीधे बैंक खाते में जमा करा दिया जायेगा. उसकी माता परिजनों के साथ ही रहती है. उसके पिता का देहांत हो जाने के बाद से शंकर ही पूरे परिवार का सहारा था. उन्होंने शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना दी.
आइएसपी प्रबंधन के डीजीएम श्री सेन ने शंकर की माता ममता नाग से समझौता पर हस्ताक्षर कराया.
उसकी माता ममता के बैंक खाते की जानकारी ली गयी. जिसके खाते में ठेकेदार की ओर से दी जानेवाली मुआवजा राशि जमा की जायेगी. शंकर के घर से सभी के लौटने के बाद शाम को 6.30 बजे संदीप की मौत की खबर आयी. एक ही परिवार के दो सदस्यों की मृत्यु की खबर से पूरा परिवार बिखर गया. एक ही परिवार के मामा तथा भांजे की मौत हो गयी है. सोमवार को संदीप के नौकरी के समझौते पर हस्ताक्षर कराने के लिए प्रबंधन प्रतिनिधि जायेगें. दोनो क ी शव को निवास स्थान पर सोमवार को लाया जायेगा. एक साथ दोनो की अंतिम संस्कार किया जायेगा.
