स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ी का किया लोकार्पण

रेल यात्रियों की सुविधा के लिए आसनसोल स्टेशन पर लगी स्वचालित सीढ़ी का लोकार्पण केंद्रीय राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो ने किया. उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर राजनीति करनेवाले तृणमूल नेता नाम के लिए उनकी अधूरी योजनाओं को पूरा कर रहे हैं. इसके बाद वे नयी रणनीति से विकास करेंगे. आसनसोल. आसनसोल स्टेशन के प्लेटफॉर्म […]

रेल यात्रियों की सुविधा के लिए आसनसोल स्टेशन पर लगी स्वचालित सीढ़ी का लोकार्पण केंद्रीय राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो ने किया. उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर राजनीति करनेवाले तृणमूल नेता नाम के लिए उनकी अधूरी योजनाओं को पूरा कर रहे हैं. इसके बाद वे नयी रणनीति से विकास करेंगे.
आसनसोल. आसनसोल स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या सात तथा दो पर स्थित स्वचालित सीढी का उदघाटन स्थानीय सांसद सह भारी उद्योग राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो ने शुक्रवार को फीता काट कर लोकार्पण किया. उन्होंने सीढ़ी पर चढ़ कर रेल अधिकारियों से इसके कार्य प्रणाली और क्षमता के बारे में जानकारी ली.
मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री श्री सुप्रियो ने कहा स्वचालित सीढ़ी चालू होने से वृद्ध, अक्षम, निशक्त, महिला और बीमार यात्रियों के आवागमन में काफी सुविधा होगी और वे आसानी से एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक जा सकेंगे. स्वचालित सीढ़ी अपने आप चलती है. यात्रियों को भाग-दौड़ नहीं करनी होगी.
इससे स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने के लिए यात्रियों के बीच मचने वाली भागमभाग में यात्री गिरने से बचेंगे. उन्होंने नये डीआरएम प्रशांत कुमार मिश्र तथा एडीआरएम राजीव कुमार बर्नवाल का स्वागत किया. गुरूवार की देर रात दिल्ली के आइमा में कलाकारों के सम्मान में आयोजित अवार्ड समारोह में मंत्री सुरेश प्रभु के साथ आसनसोल स्टेशन के उन्नयन और आधुनिकीकरण को लेकर की गयी चर्चा के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि ए- केटेगरी का स्टेशन होने के नाते आसनसोल स्टेशन के यात्री बेहतर यात्री परिसेवाओं के हकदार हैं. आने वाले दिनों में आसनसोल स्टेशन में कुछ और नये अत्याधुनिक परिसेवाएं आरंभ की जायेंगी. इसको लेकर रेल मंत्रलय से बातचीत चल रही है.
स्वचालित सीढ़ी की अधिकतम भार क्षमता प्रति मिनट 100 यात्री बताते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह लिफ्ट में अधिकतम यात्री संख्या निर्धारित होती है. उसी तरह इस स्वचालित सीढ़ी की भी यात्रियों को ले जाने की क्षमता सीमित है.
रेलवे की संपत्ति को राष्ट्र की संपत्ति बताते हुए यात्रियों से इसे अपना समझ कर अपना जैसा व्यवहार करने को कहा. अपने सोशल साइट्स एवं ट्वीटर एकाउंटस के संदेशों को मंच पर साझा करते हुए कहा कि देश भर में उनके परिचित व चाहने वाले आसनसोल स्टेशन से यात्र करने के अनुभवों को उन्हें बताते हुए आसनसोल को सबसे साफ, स्वच्छ स्टेशन बताते हैं. शांतिनिकेतन के कलाभवन के तीन परिचित प्रोफेसर आसनसोल स्टेशन से होकर गये हैं. उन्होंने उन्हें ट्वीट कर कहा कि आसनसोल स्टेशन काफी सुंदर और सजे धजे स्टेशनों में से है. यहां डस्टबीन, पंखा, लाइट सब हैं.
उन्होंने राजनीति को जीवन का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि भारतीय संविधान में मल्टी पार्टी डेमोक्रेटिक सिस्टम है. जहां संवैधानिक पद्धति से मतदान के माध्यम से किसी भी व्यक्ति को अपने पसंदीदा जनप्रतिनिधि को चुनने की स्वतंत्रता है. निगम चुनावों में पार्षद, मेयर, विधानसभा चुनावों में विधायक और सांसद चुनावों के जरीये सांसद चुने जाते हैं.
इन गणतांत्रिक चुनावी माध्यम से चूने गये जनप्रतिनिधियों का एक ही काम होता है उन्नयन का और जब चुने गये अलग अलग जनप्रतिनिधि विकासमूलक कार्यो के लिए आयोजित मंच पर एक साथ दिखें तो ज्यादा अच्छा लगता है. दल अलग हो सकते हैं पर विकास के मंच पर दलों में अलगाव नहीं होना चाहिए. विकास में राजनीति नहीं होनी चाहिए.
श्री सुप्रियो ने कहा कि उनके संबोधन के बाद इसी मंच से राज्य के श्रम एवं विधि मंत्री मलय घटक एवं आसनसोल के मेयर जितेंद्र तिवारी को संबोधन भाषण देने की बात थी पर वे नहीं आये. रेल का व्यवहार क्या मंत्री श्री घटक और मेयर श्री तिवारी नहीं करते हैं? क्या मेयर और मंत्री आसनसोल स्टेशन की स्वचालित सीढ़ी का उपयोग नहीं करेंगे?
श्री सुप्रियो ने कहा कि शुक्रवार की संध्या चार बजे गिरमींट से मेजीयाडा तक सांसद निधि से बनायी गयी सड़क का उदघाटन किये जाने की पूर्व योजना थी परंतु उनके द्वारा सड़क के उद्घाटन किये जाने से पहले ही गुरूवार की रात को अंध्ेारे में तृणमूल के कुछ जनप्रतिनिधियों ने सडक का उदघाटन कर डाला.
इसका क्या मतलब हुआ और इस तरह के कार्य से वे जनता को क्या संदेश देना चाहते हैं? आसनसोल में विकास हो इससे अच्छी कोइ बात हो ही नहीं सकती है. सड़क निर्माण कार्य को आधा छोड़े जाने की बात पर उन्होंने कहा कि तीन किलोमिटर की सड़क में से आधे से अधिक तक का निर्माण कार्य किया गया है.
बाकि का होना था. उन्होंने कहा इस तरह की गतिविधियां उनके लिए अच्छा संदेश देती हैं. आगे से वे आसनसोल में हर विकास कार्य को आधा ही करेंगे ताकि उनके भय से तृणमूल वाले बाकी का काम अपने स्तर से जल्द कर दें. अगर कोई उन्हें पांच किलोमीटर सड़क बनाने का प्रस्ताव देगा तो वे चार किलोमीटर ही बनायेंगे. उनसे दस टैंकर पानी मांगा जायेगा तो वे आठ टैंकर पानी देंगे.
डीआरएम श्री मिश्र ने मंत्री सुप्रियो को गुलदस्ता देकर स्वागत किया. पूर्व रेलवे विभिन्न स्टेशनों के तहत 14 स्वचालित सीढ़ी लगायेगी. अवसर पर भाजपा के जिला उपाध्यक्ष सभापति सिंह, आसनसोल मंडल दो के अध्यक्ष मदन मोहन चौबे, महासचिव सुदीप चौधरी, मंडल एक के अध्यक्ष बापी साहा, भाजपा कुल्टी मंडल के उपाध्यक्ष संतोष वर्मा, विवेकानंद भटटाचार्य, संतोष सिंह, पार्षद भृगु ठाकुर, पार्षद आशा शर्मा, सीनियर डीपीओ अभिषेक केसरवानी, डीपीओ एसके बासु, आशिष ठक्कर, केशव पौददार, समशेर सिंह, रेखा भटटाचार्या, सीनियर डीइएन कोआर्डिनेटर मुकेश कुमार मिणा, सीनियर डीएसटी मुकेश कुमार मिश्र, सहायक सुरक्षा आयुक्त एके सिंह, स्टेशन प्रबंधक आरके सिंह आदि उपस्थित थे.

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