नितुरिया : पेयजल संकट से जूझ रहे पारबेलिया कोलियरी इलाके के निवासियों ने ‘जल नहीं तो वोट नहीं’ के नारे के तहत मतदान का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है. इस संबंध में पारबेलिया कोलियरी स्कूल कैंपस और आसपास के खंभों और दीवारों पर व्यापक पोस्टरबाजी की गयी है.
इसकी सूचना पाकर चुनाव अधिकारी गुरुवार को नितुरिया पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों के साथ वहां पहुंचे और तख्तियों को उतारा.
स्थानीय निवासियों ने कहा कि पारबेलिया सहित आसपास के विभिन्न इलाकों में पेयजल का संकट है. गर्मी के बढ़ने के साथ ही परेशानी भी बढ़ती जाती है. इस संबंध में कई बार स्थानीय जन प्रतिनिधियों को इससे अवगत कराया गया. लेकिन किसी भी स्तर से इसके स्थायी समाधान की व्यवस्था नहीं की गयी है. चुनावी समय में प्रत्याशी इसका आश्वासन दे देते हैं.
लेकिन चुनाव समाप्त होते ही इसे भूल जाते हैं. इस कारण इस चुनाव में मतदान बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया है. नेताओं व प्रशासनिक अधिकारियों की जानकारी के लिए ही पानी नहीं तो मतदा न नहीं का दीवार लेखन किया गया तथा पोस्टर लगाये गये. इसकी सूचना मिलने के बाद चुनाव अधिकारी पुलिस व पारा मिलिट्री फोर्स के साथ इलाके में पहुंचे. उन्होंने स्थानीय नागरिकों से इसके बारे में पूछताछ की. स्थानीय निवासियों ने खुद को इस मामले में अनभिज्ञ बताया. इसके बाद सभी पोस्टरों को उतार लिया गया. साथ ही दीवारों पर लिखे नारों को मिटा दिया गया.
