कुष्ठ रोगियों के लिए अलग बूथ

मताधिकार मौलिक अधिकार रहने के बाद भी आमतौर पर कुष्ठ रोगी अपने इस अधिकार का उपयोग नहीं कर पाते हैं. आम बूथों में उनका नाम होने के कारण या तो वे ङिाझक के कारण नहीं आते या फिर उन्हें अपमान ङोलना पड़ता है. इससे निजात दिलाने के लिए चुनाव आयोग ने उनके लिए अलग बूथ […]

मताधिकार मौलिक अधिकार रहने के बाद भी आमतौर पर कुष्ठ रोगी अपने इस अधिकार का उपयोग नहीं कर पाते हैं. आम बूथों में उनका नाम होने के कारण या तो वे ङिाझक के कारण नहीं आते या फिर उन्हें अपमान ङोलना पड़ता है. इससे निजात दिलाने के लिए चुनाव आयोग ने उनके लिए अलग बूथ बनाने का निर्देश दिया है.
रुपनारायणपुर/सीतारामपुर : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कुष्ठ रोगियों के लिये अलग से मतदान केंद्र बनाने का निर्देश चुनाव आयोग ने जारी किया है.
निर्देश में कहा गया है कि किसी विधानसभा क्षेत्र में कुष्ठ रोगियों का आरोग्य निवास या स्वस्थालय है तो उनके लिये अलग मतदान केंद्र की व्यवस्था की जाये. महकमा शासक सह चुनाव अधिकारी प्रलय राय चौधरी ने कहा कि वे अपने क्षेत्र के सभी पांच विधानसभा क्षेत्रों में रह रहे कुष्ठ रोगियों के डाटा के लिये सभी आरओ को गुरुवार रिपोर्ट जमा करने को कहेंगे. इसके आधार पर कुष्ठ रोगियों के लिये अलग से मतदान केंद्र बनाने की प्रक्रिया अपनायी जायेगी.
बाराबनी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सालानपुर प्रखंड के अल्लाडी ग्राम पंचायत अंतर्गत कालीपाथर गांव में मदर टेरेसा का मिशनरीज ऑफ चेरिटी कुष्ठ आश्रम है और पास में ही कुष्ठ बस्ती है.
चिकित्सा के बाद स्वस्थ व निरोग होनेवाले मरीज यहीं आकर बस जाते है और आश्रम के कार्य में लग जाते है. उनका परिवार और समाज उन्हें नहीं अपनाता है. उनकी अपनी अलग बस्ती और जीवन यापन की शैली होती है. कुल्टी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लच्छीपुर सीतारामपुर में महात्मा गांधी कुष्ठ पल्ली में दो सौ परिवार है. जिनमें 147 वोटर है. 56 महिला वोटर है.
इन्हें ब्रहृमचारी स्कूल में बने मतदान केंद्र में वोट डालने जाना होता है. अधिकांश के हाथ पैर बीमारी के चपेट में आ जाने से मतदान केंद्रों में आम आदमी के साथ वोट डालने से कतराते है. कुष्ठ पल्ली के मुखिया ने बताया कि उनके यहां एक सामुदायिक भवन है.
यहां मतदान केंद्र बनाने की मांग की गयी थी. ताकि सभी कुष्ठ रोगी किसी तरह अपना वोट डाल सके. एक दो बार वे लोग वोट डालने गये लेकिन आम आदमी उन्हे देखकर घबड़ा गये. चुनाव आयोग ने इनकी समस्या को देखते हुए इस बार इनके लिये अलग बूथ बनाने का प्रावधान रखा है. इस बूथ में उस क्षेत्र के हर कुष्ठ रोगी या उनकी देखभाल करनेवाले सभी वोट डाल पायेंगे. प्रशासन इसकी तैयारियों में जुट गया है.

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