आसनसोल नगर निगम चुनाव पर सर्वदलीय बैठक आज

आसनसोल : आसनसोल नगर निगम के 106 वार्डो की सीमा को लेकर विभिन्न राजनीतिक संगठनों व सचेत नागरिकों की जिज्ञासा का समाधान शनिवार को हो जायेगा. प्रशासनिक कथा हॉल में जिलाशासक (प्रभारी) सह अतिरिक्त जिलाशासक सुमित गुप्ता सर्वदलीय बैठक में इसे सार्वजनिक करेंगे. संभावना है कि इसके साथ ही रिजर्बेशन रोस्टर भी जारी होगा. राजनीतिक […]

आसनसोल : आसनसोल नगर निगम के 106 वार्डो की सीमा को लेकर विभिन्न राजनीतिक संगठनों व सचेत नागरिकों की जिज्ञासा का समाधान शनिवार को हो जायेगा. प्रशासनिक कथा हॉल में जिलाशासक (प्रभारी) सह अतिरिक्त जिलाशासक सुमित गुप्ता सर्वदलीय बैठक में इसे सार्वजनिक करेंगे.
संभावना है कि इसके साथ ही रिजर्बेशन रोस्टर भी जारी होगा. राजनीतिक पार्टियों से तय समयावधि के अंदर आपत्ति व सुझाव मांगे जायेंगे. सनद रहे कि राज्य चुनाव आयोग ने राज्य सरकार की अनुशंसा पर नगर निगम के चुनाव की तिथि तीन अक्तूबर तय कर रखी है.
सनद रहे कि आसनसोल नगर निगम में कुल्टी नगरपालिका, रानीगंज नगरपालिका व जामुड़िया नगरपालिका का विलय किया जा चुका है. आसनसोल नगर निगम में 50 वार्ड, कुल्टी नगरपालिका में 35 वार्ड, रानीगंज नगरपालिका में 22 वार्ड तथा जामुड़िया नगरपालिका में 23 वार्ड थे. इस तरह आसनसोल नगर निगम इलाके में पुराने 130 वार्ड समाहित हो गये है.
प्रशासनिक स्तर पर नये सिरे से चुनाव कराने के लिए पूरे क्षेत्र में 106 वार्डो का गठन करने का निर्णय लिया गया है. पुराने इलाके के आधार पर देखें तो आसनसोल नगर निगम क्षेत्र में वार्डो की संख्या 50 से बढ़कर 54, कुल्टी नगरपालिका क्षेत्र में वार्डो की संख्या 35 से घट कर 28, रानीगंज नगरपालिका क्षेत्र में वार्डो की संख्या 22 से घटकर 11 तथा जामुड़िया नगरपालिका क्षेत्र के वार्डो की संख्या 23 से घट कर 13 होगी.
जिलाशासक (प्रभारी) श्री गुप्ता ने बताया कि आसनसोल नगर निगम की कुल जनसंख्या 11 लाख है. इसके आधार पर ही 106 वार्डो का गठन किया गया है. घनी आबादी होने के कारण आसनसोल नगर निगम के पुराने क्षेत्रों में वार्डो की संख्या बढ़ रही है, जबकि कुल्टी, जामुड़िया व रानीगंज में वार्डो की संख्या घट रही है.
किस वार्ड में कौन-कौन से इलाके शामिल होंगे, इसकी सूची तैयार कर ली गयी है. सरकारी प्रावधान के अनुसार इसे सबसे पहले सर्वदलीय बैठक में रखा जायेगा, जो शनिवार को आयोजित होगी. हालांकि यह सीमा निर्धारण अंतिम नहीं होगा. इस पर विभिन्न राजनीतिक दलों व नागरिकों की आपत्तियां व सुझाव मांगे जायेंगे. इसके लिए अवधि निर्धारित होगी. इनके निष्पादन के बाद ही वार्ड सीमा को अंतिम रूप दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि आरक्षण तालिका को भी शीघ्र अंतिम रूप दिया जायेगा.
वार्ड के सीमा निर्धारण को लेकर सबसे ज्यादा उत्सुकता चुनाव लड़ने के दावेदारों के बीच है. नियमानुसार वार्ड पार्षद का चुनाव लड़ने के लिए उस वार्ड का मतदाता होना अनिवार्य है.
इस कारण चुनाव लड़ने के दावेदार यह जानना चाहते हैं कि उनका वार्ड कौन सा होगा तथा उसमें कौन-कौन से इलाके शामिल होंगे, मतदाताओं के समीकरण क्या होंगे, आदि-आदि. कई पूर्व पार्षद भी परेशान है. उन्हें लगता है कि कहीं ऐसा न हो कि उनका वार्ड ही खत्म हो जाये या किसी बड़े प्रभावशाली नेता के वार्ड में शामिल हो जायें. इस स्थिति में उनकी परेशानी का समाधान शनिवार को निकलेगा. सबसे ज्यादा परेशानी कुल्टी, रानीगंज व जामुड़िया के दावेदारों की है.
इन तीनों क्षेत्रों में पहले एक पार्टी से 80 नेताओं को टिकट मिलना तय था. लेकिन इस समय मात्र 52 नेताओं को ही टिकट मिल पायेगा. इस प्रकार 28 नेताओं का टिकट कट जायेगा. सत्ताशीन पार्टी तृणमूल में सबसे अधिक दावेदार हैं.

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