दुर्गापुर : कोलकाता हाइ कोर्ट की अधिवक्ता सुचरिता बसु ने कहा कि 2005 से पहले देश में जन्म लेनेवाली हर बेटी को पैतृक संपत्ति पर बेटों के समान हक है. वे शनिवार को विधाननगर स्थित पीनाकल इंफोटेक संस्थान में अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन द्वारा आयोजित नारी सशक्तिकरण विषयक संगोष्ठी को संबोधित कर रही थी.
उन्होंने घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, महिलाओं का हक सहित विभिन्न कानूनों की जानकारी दी. संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष बीरबाला कासरीवाल ने राष्ट्र , समाज व परिवार को सुदृढ़, सुसंस्कृत व सुसंपन्न बनाने में नारी की महत्वपूर्ण भूमिका व जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला.उन्होंने कहा कि नारी देश की सबसे बड़ी शक्ति है.
अमूल्य व अनमोल संस्कार व संस्कृति का परित्याग कर पाश्चात्य संस्कृति अपनाने की होड़ को बिडंबना व दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने अपने संस्कार व संस्कृति को संभालकर रखने की अपील की. विभिन्न सामाजिक कुरीतियों व रीति रिवाजों में प्रभावी बदलाव लाने में नारी समाज की अहम योगदान को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी आंदोलन व क्रांति नारी के योगदान के बिना सफल नहीं हो सका है. आगामी छह व सात जनवरी को उज्जैन में आयोजित होनेवाले राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में उन्होंने पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में भागीदारी का आह्वान किया.
राष्ट्रीय महासचिव सुषमा अग्रवाल ने शाखा पदाधिकारियों व सदस्यों के बीच बेहतर समन्वय व संवाद के लिए सकारात्मक पहल की अपील की. अधीनस्थ शाखा इकाइयों को प्रोत्साहित करने के लिए सौहार्दपूर्ण वातावरण तैयार करने का आह्वान किया. पश्चिम बंगाल प्रांतीय अध्यक्ष मंजू यादूका ने नारी की विभिन्न गाथाओं की चर्चा करते हुए नम्रता के साथ सच्चे दिल से सेवा करने की अपील की. उन्होंने आगामी 31 दिसंबर को कोलकाता में आयोजित होनेवाले प्रांतीय अधिवेशन को सफल बनाने के लिये आह्वान किया. अध्यक्षता कर रही पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष रेखा लाखोटिया ने सहज,सरल नारी को करुणा, ममता, प्रेम, त्याग व बलिदान का प्रतीक बताया.
मौके पर अनूजा अग्रवाल, दुर्गापुर शाखा अध्यक्ष नीलम अग्रवाल, सचिव सुमन शर्मा, सिटी सेंटर शाखा अध्यक्ष रीतू गोस्वामी, सचिव रीना अग्रवाल, सोनम चौधरी, प्रीति डागा, सुरेखा गांवडिया आदि सक्रिय थी.
