आसनसोल नगर निगम चुनाव की तिथि हो गयी निर्धारित
आसनसोल : आसनसोल नगर निगम का चुनाव आगामी तीन अक्तूबर को होगा. नगर निगम में कुल्टी नगरपालिका, रानीगंज नगरपालिका व जामुड़िया नगरपालिका के विलय के बाद पहली बार चुनाव होंगे. इसमें कुल 106 वार्ड होंगे तथा शीघ्र ही वार्डो के क्षेत्रों का पुनर्निर्धारण किया जायेगा.
उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार राज्य चुनाव आयोग चार अक्तूबर को चुनाव कराना चाहता था, लेकिन राज्य सरकार ने तीन अक्तूबर की तिथि पर सहमति जतायी. इसके बाद राज्य चुनाव आयोग ने भी इस तिथि के निर्धारण के साथ ही चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है.
क्या है इस चुनाव का फ्लैश बैक
सनद रहे कि पिछले वर्ष संसदीय चुनाव में आसनसोल नगर निगम तथा कुल्टी नगरपालिका क्षेत्र में भाजपा को तृणमूल कांग्रेस पर काफी बढ़त मिली थी. कुल्टी नगरपालिका क्षेत्र में बढ़त 40 हजार मतों की थी तो आसनसोल नगर निगम क्षेत्र में बढ़त 35 हजार मतों से लीड था.
इन दोनों बोर्ड पर तृणमूल का कब्जा था. 17 जून को इन दोनों बोर्ड की अवधि समाप्त हो गयी. राज्य सरकार ने इन दोनों शासी निकायों का चुनाव कराने के बजाय इनके संचालन का दायित्व प्रशासक को सौंप दिया. राजनीतिक आरोप लगा कि समय पर चुनाव कराने पर इनमें भाजपा का बोर्ड गठित होता, इस कारण सरकार ने परोक्ष रूप से अपना कब्जा बरकरार रखा. इसके बाद वर्ष 2015 में 92 नगरपालिका का चुनाव हुआ. इसमें भी इन दोनों का चुनाव नहीं कराया गया. राज्य सरकार ने चुनाव आयोग को सूचित किया कि आसनसोल नगर निगम में कुल्टी, रानीगंज व जामुड़िया नगरपालिका का विलय कर नया नगर निगम बनाया जायेगा.
इससे इसके विकास के लिए कई योजनाओं के तहत केंद्र व राज्य के साथ-साथ विश्वस्तरीय वित्तीय संस्थाओं से अधिक राशि मिलेगी तथा तेजी से विकास होगा. इसके बाद राज्य चुनाव आयोग ने चुनाव के लिए कोलकाता हाइ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. हाइकोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को चुनाव कराने का निर्देश दिया. राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की तथा विलय प्रक्रिया का हवाला दिया. सुप्रीम कोर्ट ने 30 जून तक विलय की प्रक्रिया हर हाल में पूरी करने तथा राज्य सरकार व राज्य चुनाव आयोग के समन्वय से चुनाव कराने का निर्देश दिया.
इसी बीच 16 जून को रानीगंज व जामुड़िया नगरपालिका के बोर्ड की अवधि पूरी हो गयी तथा तीन जून की अधिसूचना के तहत इन दोनों का विलय आसनसोल नगर निगम में हो गया. कुल्टी नगरपालिका का विलय तीन जून को ही प्रभावी हो गया था.
चुनाव आयोग का प्रस्ताव था चार को
सूत्रों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के आलोक में राज्य सरकार ने विलय की प्रक्रिया जून में ही पूरी कर ली. इसके लिए राज्यपाल के स्तर से तीन जून को अधिसूचना जारी कर दी गयी.
इसके बाद चुनाव की तिथि का निर्धारण अगला कदम था. प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य सरकार के नगरपालिका विभाग के प्रधान सचिव बीपी गोपालिका ने राज्य चुनाव आयोग को पत्र लिख कर चुनाव तिथि का प्रस्ताव भेजने का आग्रह किया. राज्य चुनाव आयोग के आयुक्त सुशांत रंजन उपाध्याय ने राज्य सरकार को चार अक्तूबर (रविवार) को चुनाव कराने का प्रस्ताव दिया.
राज्य सरकार ने तीन अक्तूबर का प्रस्ताव दिया. सरकार का तर्क था कि दो अक्तूबर को सरकारी छुट्टी रहेगी. तीन को मतदान होने से चार अक्तूबर को रविवार के दिन मतदाता को आराम मिलेगा. राज्य चुनाव आयोग ने इसे स्वीकार कर लिया. इसे केंद्र कर राज्य चुनाव आयोग ने सोमवार को चुनाव अधिकारियों के साथ बैठक की. इसमें आसनसोल के महकमाशासक अमिताभ दास भी शामिल हुए.
सारी जमीनी तैयारियां पूरी की प्रशासन ने
सूत्रों ने बताया कि बर्दवान जिलाशासक के निर्देश पर इसकी सारी जमीनी तैयारियां पूरी कर ली गयी है. वार्डो के नये सिरे से पुनर्निर्धारण के लिए प्रक्रिया शुरू की जायेगी. हालांकि इसका पूरा रोड मैप तैयार हो चुका है.
सिर्फ उसे औपचारिक रूप देना बाकी है. शीघ्र ही इसे सार्वजनिक कर इस पर राजनीतिक पार्टियों व नागरिकों से आपत्ति व सुझाव मांगे जायेंगे तथा तय अवधि के तहत इसका निष्पादन कर दिया जायेगा. इसके बाद इन वार्डो के लिए आरक्षण रोस्टर लागू किया जायेगा. इस प्रक्रिया को भी शीघ्र पूरा किया जायेगा. इसके बाद चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी जायेगी. इस कार्य को दो माह से कम समय में पूरा किया जायेगा.
वार्डो की संख्या में आयेगी कमी
सूत्रों ने बताया कि कुल्टी, रानीगंज व जामुड़िया नगरपालिका के विलय के बाद आसनसोल नगर निगम में कुल वार्डो की संख्या 130 पहुंचती है. इनमें आसनसोल नगर निगम के 50 वार्ड, कुल्टी नगरपालिका के 35 वार्ड, रानीगंज नगरपालिका के 22 वार्ड तथा जामुड़िया नगरपालिका के 23 वार्ड शामिल है.
लेकिन नये वार्डो के क्षेत्र निर्धारण के बाद इनकी संख्या घट कर मात्र 106 रह जायेगी. आसनसोल नगर निगम के पुराने क्षेत्र में वार्डे की संख्या बढ़ जायेगी. वहीं कुल्टी, रानीगंज व जामुड़िया नगरपालिका के वार्डो की संख्या में कमी आयेगी.
सूत्रों के अनुसार आसनसोल नगर निगम के पुराने क्षेत्र में वार्डो की संख्या 50 से बढ़ कर 54 हो जायेगी. जबकि कुल्टी नगरपालिका के पुराने क्षेत्र में वार्डो की संख्या 35 से घट कर 28 रह जायेगी. उसके सात वार्ड कम हो जायेंगे. रानीगंज नगरपालिका के पुराने क्षेत्र में वार्डो की संख्या 22 से घट कर मात्र 11 रह जायेगी. यानी वहां वार्डो की संख्या में 50 फीसदी की कटौती होगी. इसी तरह जामुड़िया नगरपालिका के पुराने क्षेत्र में कुल 23 वार्डो में से वार्डो की संख्या 13 रह जायेगी. दस वार्ड समाप्त हो जायेंगे. यानी पुराने क्षेत्र के अनुसार देंखे तो आसनसोल में 54, कुल्टी में 28, रानीगंज में 11 तथा जामुड़िया में 13 वार्ड बनेंगे.
वार्ड निर्धारण पर राजनीतिक समीकरण
विपक्षी नेताओं के अनुसार वार्ड निर्धारण की प्रक्रिया में सत्ताशीन पार्टी ने अपने जनाधार को मजबूत रखने की कोशिश की है ताकि चुनाव के बाद आसानी से बोर्ड पर कब्जा हो सके. कुल्टी में तृणमूल का प्रभाव कम होने के कारण वहां 20 फीसदी वार्ड की कटौती की गयी.
इसी तरह रानीगंज व जामुड़िया नगरपालिका बोर्ड पर वाममोर्चा का कब्जा रहने के कारण रानीगंज में 50 फीसदी तथा जामुड़िया में 44 फीसदी की कटौती की गयी है. आसनसोल में अधिक प्रभाव होने के कारण तृणमूल को लाभ मिल सकता है.
