पुलिस पर छात्र के हत्यारों को मदद करने का आरोप
आद्रा : पुरुलिया जिले के पाड़ा थाना के समक्ष सैक ड़ों ग्रामीणों व छात्र-छात्रओं ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया तथा घंटों सड़क जाम किया. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आरिफ काजी (12) ने आत्महत्या नहीं की है, उसकी हत्या ककी गयी है. पुलिस हत्यारे को जल्द से जल्द गिरफ्तार करे. बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है. उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त हुआ.
पाड़ा थाना अंतर्गत हरीहरपुर गांव निवासी व मृतक छात्र आरिफ काजी (12) के पिता काजी रियाज ने बताया कि तीन जून को आरिफ एवं गांव के ही युवक ताजू खां क्रिकेट खेल रहे थे.
दोनो में झड़प हो गयी. घटना के बाद उसी दिन ताजू के पिता मनीर खान, शेख खान , शेख नियामत एवं नजूमाना बीवी ने उन्हें धमकी दी कि वे लोग आरिफ की हत्या कर देंगे. इस घटना के बाद से ही आरिफ घर नहीं लौटा. दूसरे दिन चार जून को आरिफ का शव हरिहरपुर गांव से कुछ दूरी पर मानूर बांध के समक्ष एक पेड़ से बेल्ट के सहारे गले में फंदा से लटकता पाया गया. जिस हालत में आरिफ का शव पाया गया, उसे देखकर लगता है कि उसकी हत्या कर शव को पेड़ पर टांग दिया गया है. उसकी हत्या ताजू, उसके पिता मनीर खान, मां नजूमाना बीबी, शेख खान तथा शेख नियामत ने मिल कर की है. उन्होंने इनके खिलाफ पाड़ा थाना में हत्या की प्राथमिकी दर्ज करायी है
पर पाड़ा थाना पुलिस ने 13 दिन बीत जाने पर भी किसी भी हत्यारे को गिरफ्तार नहीं किया. मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण आरिफ के फोटो हाथ में लेकर न्याय की मांग को लेकर थाने के समक्ष प्रदर्शन किया तथा अपराधी को गिरफ्तार करने की मांग की. सड़क जाम किया.
पुलिस का दावा है कि लिखित शिकायत के आधार पर ही अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. अंत्यपरीक्षण रिपोर्ट में आरिफ के मौत को आत्महत्या बताया गया है. पर प्रदर्शनकारियों का दावा है कि पुलिस हत्यारे से मिलकर अंत्यपरीक्षण रिपोर्ट भी गलत तैयार किया है. पुलिस अपराधियों की मदद कर रही है.
