कार्य निष्पादन आसनसोल नगर निगम से

बोर्ड की मियाद खत्म होते ही मिल गयी चिट्ठी एडीएम से निवर्तमान अध्यक्ष ने सुनायी सत्ता के असहयोग की दास्तां रानीगंज : राज्य सरकार की जारी अधिसूचना के आधार पर 140 वर्ष पुरानी रानीगंज नगरपालिका का अस्तित्व सोमवार को समाप्त हो गया. इसके बोर्ड का अवधि रविवार को ही समाप्त हो गयी. इसके विलय से […]

बोर्ड की मियाद खत्म होते ही मिल गयी चिट्ठी एडीएम से
निवर्तमान अध्यक्ष ने सुनायी सत्ता के असहयोग की दास्तां
रानीगंज : राज्य सरकार की जारी अधिसूचना के आधार पर 140 वर्ष पुरानी रानीगंज नगरपालिका का अस्तित्व सोमवार को समाप्त हो गया. इसके बोर्ड का अवधि रविवार को ही समाप्त हो गयी. इसके विलय से संबंधित आदेश सोमवार को नगरपालिका कार्यालय में भेज दिये गये.इसके सारे अधिकार व दायित्व आसनसोल नगर निगम को मिल गये.
रानीगंज नगरपालिका के निवर्त्तमान अध्यक्ष अनूप मित्र ने सोमवार को नगरपालिका बोर्ड के मियाद खत्म होने के बाद पत्रकारों को यह जानकारी दी. वाममोर्चा के सभी पार्षद मौजूद थे. टीएमसी पार्षद हीना खातून अनुपस्थित रही. रानीगंज नपा अध्यक्ष ने पांच वर्षो के अपने अनुभव बताते हुए कहा कि एडीएम द्वारा अधिकारिक रुप से सोमवार को आसनसोल नगर निगम के अधीन किये जाने का पत्र मेल द्वारा प्राप्त हुआ. बोर्ड के सदस्यों ने विदाई ली. विकट परिस्थितियों के बीच रानीगंज नगरपालिका में वामपंथी बोर्ड ने काम किया.
इन पांच वर्षो में रानीगंज नगरपालिका में ऐसी ऐसी घटनाएं घटी, जो रानीगंज नगरपालिका के इतिहास में कभी नहीं घटी. वर्ष 2013 में उन्हें चार घंटे तक नगरपालिका के बाहर धूप में खड़ा किया गया. प्रतिदिन नगरपालिका के कार्य में बाधा दी गयी. सरकारी रुप से सठीक रुप से सरकारी फंड नहीं मिलने के कारण विकास कार्य उस अनुपात में नहीं हो पायी. अड्डा से चार वर्षो तक कोई आर्थिक मदद नहीं मिली. सिवरेज का कार्य अड्डा द्वारा किया गया.
वह भी आधा अधूरा किया गया है. डमलीया जल प्रकल्प का द्वितीय इंटक का कार्य अधूरा छोड़ दिया गया. इस प्रतिकुलता के बावजूद भी अत्यंत साहास के साथ कार्य किया. सभी वार्डो में विकास आशानुकूल हुआ है. जेएनयूआरएस के बीएसयूपी प्रकल्प के तहत प्रथम तथा द्वितीय फेज में 26 करोड़ 41 हजार 734 रुपयों में 20 करोड़ 31 लाख 28 हजार 800 रुपया खर्च किये गये है.
जबकि विरोधी पक्ष यह दुष्प्रचार किया जा रहा है कि बीएसयूपी के तहत 50 करोड़ रुपया दिया गया. उन्होंने कहा कि बड़ा दुख का विषय है कि रानीगंज का 1876 में गठित हुये रानीगंज नगरपालिका का अस्तित्व समाप्त किया जा रहा है. नगरपालिका को आसनसोल नगरनिगम में विलय किया जा रहा है. इसका प्रतिवाद बोर्ड तथा रानीगंज के विभिन्न सामाजिक संगठनों तथा व्यवसायिक संगठनों ने की. उन्होंने दावा किया कि नगर निगम चुनाव में पुन: वामपंथी बोर्ड बनेगा.
विधायक सोहराब अली ने कहा कि 1967 से लगातार वामपंथी के अधिपत्य में रहे रानीगंज नगरपालिका सोमवार को मुक्त हुई. मां माटी मानूष की सरकार में रानीगंज नगरपालिका क्षेत्र का बहुमुखी विकास होगी. इस मौके पर उपाध्यक्ष सुनील खंडेलवाल, सीआईसी आरिज जलेस, कृष्णा दास गुप्ता, संजय मंडल सह विभिन्न वार्डो के पार्षद उपस्थित थे.

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