काजोड़ा क्षेत्रीय अस्पताल की बंदी के निर्णय का विरोध शुरू
हरिपुर/अंडाल : काजोड़ा क्षेत्रीय अस्पताल की बंदी के खिलाफ कोयला खदान श्रमिक कांग्रेस (आइएनटीटीयूसी) समर्थकों ने गुरुवार को अस्पताल परिसर में घंटों प्रदर्शन किया.
यूनियन के संयुक्त महासचिव गुरुदास चक्रवर्ती ने कहा कि काजोड़ा क्षेत्रीय अस्पताल की स्थापना वर्ष 1992 में हुई थी. उद्घाटन तत्कालीन कोयलामंत्री पी संगमा ने किया था. उदघाटन के बाद काजोड़ा क्षेत्रीयअस्पताल में बेहतर चिकित्सा मिल रही थी. लेकिन क्षेत्रीय प्रबंधन की उदासीनता के कारण इसे बंद किया जा रहा है.
यहां जरुरत के अनुसार चिकित्सकों, स्टाफ व पारा मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति नहीं की जा रही है. प्रबंधन की यह साजिश कभी कामयाब नहीं होगी. उन्होंने कहा कि काजोड़ा एरिया के महाप्रबंधक का तर्क है कि यह फैसला इसीएल मुख्यालय का है. इसमेंक्षेत्रीय प्रबंधन की कोई भूमिका नहीं है. यहां काम करनेवाले स्टाफ या नर्स समय पर काम नहीं करते है. इसकी विजिलेंस रिपोर्ट भी कंपनी मुख्यालय में है. यह भी एक कारण बंद का हो सकता है.
यूूनियन नेताओं ने कहा कि बंदी के खिलाफ यूनियन जबर्दस्त आंदोलन करेगी. अन्य श्रमिक संगठनों को भी साथ लिया जायेगा. सभा को यूथ तृणमूल बहुला अंचल के अध्यक्ष वीर बहादूर सिंह, मोहम्मद आलम, सफल सिन्हा और पार्थो देवसी ने भी संबोधित किया. गौतम मजूमदार, मोहम्मद यूसुफ, देवाशिष बनर्जी, दुलाल सिंह, प्रदीप पोद्दार, सुभाशिष सेन गुप्ता आदि सक्रिय रहे. अध्यक्षता गुरुदास चक्रवर्ती ने की. श्री मजूमदार ने कहा कि अस्पताल का भवन कंपनी में सबसे बेहतर है.
इसे बंद नहीं किया जाये बल्कि राज्य सरकार के साथ मिलकर पीपी मॉडल बनाकर इसका संचालन हो. काजोड़ा मोड़ के इस अस्पताल से पांच से 10 किलोमीटर की दूरी तक एक भी अस्पताल नहीं है.
