विकास की गति को रखें बरकरार

सांकतोड़िया : इस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (इसीएल) मुख्यालय के सम्मेलन कक्ष में समन्वय समिति की बैठक अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक राकेश सिन्हा की अध्यक्षता में हुयी. इसमें खदानों की सुरक्षा, उत्पादन, डिस्पैच का मुद्दा छाया रहा. तकनीकी निदेशक (योजना व परियोजना) बीआर रेड्डी, कार्मिक निदेशक केएस पात्र, सीएमडी के तकनीकी सचिव निलाद्री राय, सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधक […]

सांकतोड़िया : इस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (इसीएल) मुख्यालय के सम्मेलन कक्ष में समन्वय समिति की बैठक अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक राकेश सिन्हा की अध्यक्षता में हुयी. इसमें खदानों की सुरक्षा, उत्पादन, डिस्पैच का मुद्दा छाया रहा. तकनीकी निदेशक (योजना व परियोजना) बीआर रेड्डी, कार्मिक निदेशक केएस पात्र, सीएमडी के तकनीकी सचिव निलाद्री राय, सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधक उपस्थित थे.
मुख्यालय सूत्रों के अनुसार सीएमडी श्री सिन्हा ने बारी-बारी से सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधकों से उनके क्षेत्र की उपलब्धियों के बारे में जानकारी ली. सुरक्षा पर विशेष जोर देने की हिदायत दी.
उन्होंने कहा कि चालू वर्ष में दिये गये उत्पादन लक्ष्य से ज्यादा उत्पादन करना होगा. ताकि वित्तीय वर्ष 2015-16 में भी कंपनी कोल इंडिया की सभी अनुषांगिक कंपनियों से ससभी क्षेत्रों में बेहतर रहे. उन्होंने कहा कि पहले से जारी टीम वर्क तथा कार्य गति को बरकरार रखना होगा.
चालू वित्तीय वर्ष 2015-16 के पहले माह अप्रैल में कंपनी 3.31 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया है.जबकि पिछले वित्तीय वर्ष 2014-15 में इसी अवधि में 3.29 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया गया था. उत्पादन में गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष .37 प्रतिशत का ग्रोथ है. हालांकि ग्रोथ और भी ज्यादा होता परंतु वर्षा के कारण उत्पादन थोड़ा बाधित हुआ.
डिस्पैच में भी पिछले वर्ष की तुलना में 9.67 प्रतिशत का ग्रोथ है. अधिभार हटाने में भी 22.51 प्रतिशत का ग्रोथ चालू वर्ष में है. मानसून को लेकर कहा कि पश्चिम बंगाल में पहले ही मानसून प्रवेश कर जाता है.
इसलिये इससे निपटने के लिये अभी से ही तैयारी करनी होगी ताकि मानसून से आसानी से निपटा जा सके. उन्होंने कहा कि सुरक्षा के सभी संसाधन रहते हुए भी सुरक्षा में कहीं न कहीं चूक हो रही है. जिसके कारण खदानों में आये दिन दुर्घटनाएं हो रही है. इस पर सबसे पहले अंकुश लगाना होगा.

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