गेस्ट हाउस से पैदल निकली समस्या अवलोकन को
नितुड़िया : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गढ पंचकोट रिसोर्ट में रात बिताने के बाद सोमवार की सुबह रिसोर्ट से एक किलोमीटर दूर स्थित रंगाधर सिउलीबडी प्राथमिक विद्यालय पैदल पहुंच गयी. ग्यारह बजे छुट्टी होने के समय उन्होंने स्कूल में प्रवेश किया. उनकी उपस्थिति देख सभी भौंचक रह गये.
मुख्यमंत्री सुश्री बनर्जी ने क्लास रूम में प्रवेश कर पहले प्राइमरी स्कूल के टीचर इंचार्ज गणोश बाउरी से स्कूल के छात्रों की संख्या, मिड डे मील व स्कूलों में छात्रों की संख्या के बारे में जानकारी ली. उन्होंने छात्रों से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने छात्रों को कविता पाठ करने को कहा.
कक्षा चार के उज्जवल बाउरी और बिष्णु बाउरी ने उन्हें कविता पाठ कर सुनाया. कक्षा के अंदर पाठ्य पुस्तिका की तस्वीरें उन्हें खूब भायीं. मालूम हो कि इस प्राइमरी स्कूल में मात्र 32 छात्र है और सोमवार को 27 छात्र उपस्थित थे. इसी स्कूल के कैंपस में स्थापित जूनियर हाई स्कूल के शिक्षकों से भी उनके छात्रों की संख्या के बारे में जानकारी ली.
उन्होंने छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए इस स्कूल को माध्यमिक स्कूल का दर्जा देने का सुझाव दिया. उन्होंने अपने मोबाइल फोन से शिक्षा मंत्री पार्थो चटर्जी को कॉल कर इस स्कूल को माध्यमिक में पदोन्नति करने का आदेश दिया.
उन्होंने अपने मोबाइल फोन से प्राइमरी स्कूल के टीआईसी गणोश बाउरी और शिक्षा मंत्री श्री चटर्जी में बातचीत करायी और स्कूल के संबंधित अन्य जानकारियां देने को कहा. इधर स्कूल के छात्र से लेकर शिक्षको में स्कूल में मुख्यमंत्री को सामने से पाकर काफी उल्लास था.
शिक्षक गणोश बाउरी ने कहा कि पहला ऐसा मौका था कि कोई मुख्यमंत्री इस तरह सीधे स्कूल में पहुंच कर शिक्षक और छात्रों से सीधा संबंध स्थापित करती है. स्कूल में मुख्यमंत्री के साथ पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) पश्चिमांचल सिद्धिनाथ गुप्ता, डीआईजी विशाल गर्ग, पुलिस अधीक्षक रु पेश कुमार व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे.
मुख्यमंत्री की गढपंचकोट में मौजूदगी के मद्देनजर पूरे पंचेत पहाड़ को पुलिस व नागा जवानों से भर दिया गया है. पुलिस उनकी सुरक्षा में किसी तरह की कोताही नहीं रखना चाहती थी. राज्य के पुलिस मुखिया डीजीपी स्वयं गढपंचकोट में सुबह उपस्थित थे.
