काम से हटाये जाने के विरोध में अनशन पर कर्मचारी

पानागढ़ : पश्चिम बर्दवान जिले के कांकसा थाना अंतर्गत राजबांध स्थित बीपीसीएल बॉटलिंग प्लांट के तृणमूल समर्थित 24 अस्थायी कर्मियों को काम से हटा दिए जाने के विरोध में बुधवार सुबह से उक्त ठेका श्रमिक कारखाना के मुख्य गेट के पास ही अनशन पर बैठ गये हैं. इस अनशन को लेकर मौके पर पुलिस की […]

पानागढ़ : पश्चिम बर्दवान जिले के कांकसा थाना अंतर्गत राजबांध स्थित बीपीसीएल बॉटलिंग प्लांट के तृणमूल समर्थित 24 अस्थायी कर्मियों को काम से हटा दिए जाने के विरोध में बुधवार सुबह से उक्त ठेका श्रमिक कारखाना के मुख्य गेट के पास ही अनशन पर बैठ गये हैं. इस अनशन को लेकर मौके पर पुलिस की तैनाती की गयी है.

बताया जाता है कि 14 जनवरी को काम से हटा दिए गए 24 श्रमिकों ने बॉटलिंग प्लांट के मुख्य गेट को अवरोध कर विरोध प्रदर्शन किया था तथा काम ठप कर दिया था. बताया जाता है कि 14 जनवरी के बाद से ही उक्त प्लांट में रह-रहकर श्रमिकों का धरना प्रदर्शन आंदोलन लगातार जारी है. आज से श्रमिक अनशन पर बैठ गए हैं. मुख्य गेट के पास ही हाथों में तख्ता व बैनर लेकर बुधवार सुबह से ही अनशन पर बैठ कर विरोध जताते नजर आए.

आज सुबह भी प्लांट के कर्मी व अधिकारियों को प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा था. लेकिन पुलिस के हस्तक्षेप के बाद तत्काल अनशनकारियों को हटा दिया गया. ऐसे में सुबह से तृणमूल समर्थित श्रमिकों द्वारा किए जा रहे अनशन के कारण इलाके में उत्तेजना व्याप्त है. अनशन पर बैठे तृणमूल के नेता आशीष मंडल का आरोप है कि बीपीसीएल के स्थानीय प्रबंधन द्वारा तृणमूल समर्थित 24 अस्थाई कर्मियों की छंटनी कर उनकी जगह बीजेपी समर्थित कर्मियों की नियुक्ति की जा रही है.

इस घटना को लेकर कई बार प्रबंधन से बातचीत करने की कोशिश की गई लेकिन प्रबंधन इस दिशा में कोई उपयुक्त कदम नहीं उठा रहा. 24 अस्थाई कर्मियों की छंटनी के खिलाफ तृणमूल समर्थित श्रमिक बीपीसीएल प्लांट के मुख्य गेट के पास ही अनशन पर बैठ गए है. घटना की सूचना मिलने पर मौके वारदात पर कांकसा थाना पुलिस पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई है. श्रमिकों का कहना है कि जब तक बीपीसीएल प्रबंधन द्वारा 24 अस्थाई कर्मियों को पुनः बहाल नहीं किया जाता है तब तक अनशन जारी रहेगा.

घटना को लेकर बीपीसीएल के किसी भी अधिकारी की कोई टिप्पणी नहीं मिल पाई है. बीपीसीएल ठेका श्रमिक यूनियन के नेता आशीष मंडल का कहना है कि वाम के समय जो श्रमिक काम कर रहे थे हम लोगों ने उन्हें कोई असुविधा नहीं पहुंचायी. नए शेड बनने के बाद तृणमूल श्रमिक यूनियन की ओर से 24 अस्थाई कर्मियों की नियुक्ति की गई थी.

प्रबंधन द्वारा अचानक तृणमूल समर्थित 24 अस्थाई कर्मियों को हटाकर रात के अंधेरे में भाजपा समर्थित श्रमिक संगठन से 24 श्रमिकों को बहाल कर उनसे काम कराया जा रहा है. यह अन्याय है. हम इसके खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखे हुए हैं. प्लांट का उत्पादन या प्लांट बंद करने का हमारा कोई उद्देश्य नहीं है. हम चाहते हैं कि हमारे 24 अस्थाई कर्मियों को पुनः बहाल किया जाए.

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