ओला बाइक की पहली महिला चालक बनीं सुष्मिता दत्ता

दुर्गापुर : आजकल समाज में पुरुष के साथ कंधा से कंधा मिलाकर महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं. चाहे व नौकरी का क्षेत्र हो या परिवहन परिसेवा का. अब तक सरकारी बस ड्राइवर, कंडक्टर के पद भी महिलाएं काम कर रही हैं. सेना में भी महिलाओं का दबदबा बढ़ा है. इस कड़ी में […]

दुर्गापुर : आजकल समाज में पुरुष के साथ कंधा से कंधा मिलाकर महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं. चाहे व नौकरी का क्षेत्र हो या परिवहन परिसेवा का. अब तक सरकारी बस ड्राइवर, कंडक्टर के पद भी महिलाएं काम कर रही हैं. सेना में भी महिलाओं का दबदबा बढ़ा है. इस कड़ी में दुर्गापुर की सुष्मिता दत्ता का नाम भी जुड़ गया है. दुर्गापुर में वह पहली महिला चालक बनी हैं, जिन्होंने ओला बाइक चालक के हिसाब से काम करना शुरू कर दिया है.

दुर्गापुर शिल्पांचल सहित आसपास के इलाकों में सुष्मिता इस समय चर्चा का विषय बनी हुई है. दुर्गापुर आधुनिक शहर बनता जा रहा है. दूसरे शहरों की तरह इस शहर में भी ओला ने बाइक यात्री परिसेवा की शुरुआत की है. गृहवधू सुष्मिता दत्ता का इस बारे में कहना है कि आमतौर पर लड़कियां कुछ पेशे तक ही सीमित हैं.

जैसे ब्यूटी पार्लर, मैसेज पार्लर, सिलाई मशीन इत्यादि. सुष्मिता ने बताया कि वह कुछ अलग हटकर करना चाहती थी. बातचीत में उसके एक दोस्त ने बताया कि वह ओला बाइक में काम कर रहा है. मेरे मन में भी इच्छा जगी कि मैं भी क्यों न ओला बाइक के लिए काम करुं. उसने मन बना लिया कि वह काम करेगी. सितंबर महीना से ही उसने काम शुरू कर दी है. पहले वह सुबह में काम करती थीं.

घर की असुविधाओं को देखते हुए अब शाम से लेकर 9.30 तक अपना काम करती हैं. वह कहती है कि पहले केवल लड़कियों को ही घर पहुंचाती थी लेकिन अब लड़का सवारी भी मिलता है तो उसे कोई आपत्ति नहीं है. सुष्मिता ने कहा कि इस पेशा में और भी लड़कियां आती हैं तो काम करने का हौसला बढ़ेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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