पुलिस की भूमिका को सराहा
• एनकाउंटर से अंचल की महिलाएं को काफी उम्मीद
•चाहती हैं कानून में हो बदलाव
दुर्गापुर : हैदराबाद की महिला पशु चिकित्सक के साथ हैवानियत करने वाले चारों आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया. शुक्रवार की सुबह इस खबर के मिलने के बाद शिल्पांचल के लोगों मे खुशी का माहौलदेखा गया. चारों आरोपियों के मारे जाने से सबसे ज्यादा खुश अंचल की महिलाएं दिखीं.
इस बाबत शहर की समाजसेवी राधा भट्ट्ड़ ने पुलिस मुठभेड़ को सही ठहराते हुए कहा कि पुलिस ने उन बहशी दरिंदों के साथ वही कुछ किया जिसके वे हकदार थे.
इस घटना के बाद कोई भी बहशी किसी भी लड़की या महिला के साथ गलत करने से पहले सोचेगा. उन्होंने कानून व्यवस्था में बदलाव की मांग करते हुए कहा कि सामूहिक दुष्कर्म जैसी घटना पर त्त्वरित कार्रवाई करने की जरूरत है. त्त्वरित कार्रवाई नहीं होने के कारण केस झूलता रहता है और भुक्तभोगी परिवार न्याय की बाट जोहता रहता है. निर्भया के मामले में भी अभी तक आरोपी कड़ी सजा से बचते रहे हैं. इस प्रकर के मामले में मौत की सजा से कम कुछ नहीं होना चाहिए.
बैंक अधिकारी स्मृति शर्मा का कहना है कि इस मुठभेड़ में आरोपित अपराधियों के मारे जाने पर महिलाओं में आशा की किरण जगी है कि ऐसे अपराध में सज़ा हो सकती है. ज्यादातर घटनाओं में अपराधी का अपराध सिद्ध होने के बावजूद उन्हें कई कारणों से सजा नहीं मिल पाती. इन वजहों से देश की बेटियों का न्याय व्यवस्था में विश्वास कम होता जा रहा है. आज इस घटना से ऐसी मानसिकता वाले लोगों में यह संदेश जाएगा कि बलात्कार जैसा अमानवीय अपराध कर वे बच नहीं सकते.
हालांकि हम न्याय व्यवस्था से यह उम्मीद करते हैं कि दिशा जैसी मासूम लड़कियों को सख्त कानून के माध्यम से न्याय मिलेगा. इनर व्हील क्लब ऑफ दुर्गापुर की अध्यक्षा अनिता माहेश्वरी ने कहा कि एक मां और महिला होने के नाते मैं हैदराबाद एनकाउंटर का स्वागत करती हूं. साथ ही उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि अगर निर्भया केस में लोग उसे नाम देने के बजाय दोषियों को ऐसी ही सजा देते तो अच्छा होता. उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद इस प्रकार की सोच रखने वालों पर काफी असर पड़ेगा.
दिल्ली पब्लिक स्कूल दुर्गापुर की प्रिया डागा ने कहा कि तेलंगाना में घटी इस घटना पर जहां जनता पुलिस पर फूल बरसा रही है वहीँ कुछ सामाजिक संस्थाएं चिंतित भी हैँ. सारा देश चाहता है कि अपराधियों को सजा मिले पर हम ऐसे एक अराजक समाज की ओर बढ़ रहें है. ये घटना भविष्य में समाज की दिशा तय करेगी. गृहणी आशा भगत का कहना है की हैदराबाद दुष्कर्म मामला के बाद पूरा देश सुलग रहा था. इन आरोपियों की कड़ी सजा की मांग उठ रही थी.
लेकिन घटना के बाद हो देरी से लोगो का गुस्सा बढ़ रहा था. यही वजह है कि इस एनकाउंटर पर सभी लोग अपनी खुशी बयां कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि लोगों का न्यायिक प्रणाली पर भरोसा उठ रहा है. सरकार को क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को ठीक करने की दिशा मे ठोस पहल करने की जरूरत है.
