आसनसोल/रूपनारायणपुर : केंद्रीय संस्थाओं को बचाने, श्रमिकों का काम बचाने, मजदूरी बचाने, श्रमिकों की छंटनी बंद करने, नये उद्योग लगाने, रोजगार देने, किसानों को फसल का सही मूल्य देने, एनआरसी का विरोध और राज्य बचाओ-देश बचाओ का नारा लेकर केंद्रीय श्रमिक संगठनों की 12 दिवसीय ऐतिहासिक लांग मार्च का शुभारंभ शनिवार को चित्तरंजन से हुआ.
चिरेका महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष सीटू सेंट्रल कमेटी के सदस्य श्यामल चक्रवर्ती ने झंडा दिखाकर लांग मार्च को रवाना किया. सीटू के राज्य अध्यक्ष सुभाष मुखर्जी, सचिव अनादि साहू, एटक के जिला सचिव सह पूर्व सांसद आरसी सिंह, एचएमएस के राज्य कमेटी के सचिव एसके पांडे,इंटक के राज्य अध्यक्ष कमरुजमां कमर, यूटीयूसी के राज्य कमेटी के सदस्य नरेन दे, टीयूसीसी के राज्य कमेटी के सदस्य, सीटू के जिला सचिव सह पूर्व सांसद वंशगोपाल चौधरी, जामुड़िया की विधायक जहानारा खान, सीएमएसआई (सीटू) के जीला सचिव गौरांग चटर्जी, अखिल भारतीय कृषक सभा के जिला सचिव अमल हालदार आदि उपस्थित थे.
श्रमिक संगठनों के साथ बामपंथी छात्र, युवा और महिला संगठनों की हजारों की संख्या में सदस्य व समर्थक मौके पर उपास्थि थे और रैली के साथ पूरे चित्तरंजन इलाके में चलते रहे. लांग मार्च में केंद्रीय श्रमिक संगठनों के 180 सदस्य 12 दिनों तक नियमित चलेंगे और यह मार्च 11 दिसम्बर को कोलकाता राजभवन में जाकर समाप्त होगी.
शनिवार का मार्च का पहला पड़ाव सालानपुर कालीतला बस स्टैंड के पास था. दोपहर को भोजन और विश्राम के बाद मार्च यहां से रवाना हुई और नियामतपुर में पथसभा किया. यहां से आसनसोल रविन्द्र भवन के पास पहुंचकर पहले दिन की पदयात्रा को स्थगित कर दिया गया. रविवार सुबह यहां से पदयात्रा पुनः आरम्भ होगी.
