कोल इंडिया में 24 को एक दिन की हड़ताल

कोयला उद्योग में सौ फीसदी एफडीआइ के निर्णय के खिलाफ आंदोलन विभिन्न केंद्रीय यूनियनों के संयुक्त सम्मेलन में लिया गया निर्णय आसनसोल : कोयला उद्योग में सौ फीसदी एफडीआइ के निर्णय के विरोध समेत चार मांगों को लेकर 24 सितंबर को कोल इंडिया में हड़ताल होगी. यह घोषणा गुरुवार को रांची के सीएमपीडीआइ मुख्यालय स्थित […]

कोयला उद्योग में सौ फीसदी एफडीआइ के निर्णय के खिलाफ आंदोलन

विभिन्न केंद्रीय यूनियनों के संयुक्त सम्मेलन में लिया गया निर्णय
आसनसोल : कोयला उद्योग में सौ फीसदी एफडीआइ के निर्णय के विरोध समेत चार मांगों को लेकर 24 सितंबर को कोल इंडिया में हड़ताल होगी. यह घोषणा गुरुवार को रांची के सीएमपीडीआइ मुख्यालय स्थित रवींद्र भवन में आयोजित पांच यूनियनों के संयुक्त सम्मेलन में की गयी. कन्वेंशन में एटक, एचएमएस, इंटक, सीटू, एक्टू के नेता, कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे. कन्वेंशन की अध्यक्षता वासुदेव आचार्य (सीटू ), रमेंद्र कुमार (एटक ), एके झा (इंटक), शिवकांत पांडेय (एचएमएस), शुभेंदु सेन (एक्टू ) की अध्यक्ष मंडली ने की.
सम्मेलन में प्रस्ताव एटक के लखन लाल महतो ने रखा.
प्रस्ताव का समर्थन करते हुए वक्ताओं ने मोदी सरकार को निशाने पर रखा. सरकार की नीतियों को मजदूर विरोधी, उद्योग एवं देश विरोधी बताते हुए आलोचना की. वक्ताओं में एके झा, चण्डी बनर्जी ( इंटक), आरसी सिंह, अशोक यादव, विनोद मिश्र, रोशन लाल चौधरी, सतीश सिन्हा, भोला प्रसाद ( सभी एटक), सीटू से बासुदेव आचार्य, डीडी रामानंदन, मिथिलेश सिंह, जीके श्रीवास्तव, मानस चटर्जी, जेएस सोंधी, फाग बेसरा, एचएमस से एसके पाण्डेय, हरिशंकर सिंह, ललन सिंह, उदय सिंह एवं एक्टू से शुभेंदू सेन एवं बैजनाथ मिस्त्री शामिल थे.
अपने समापन संबोधन में एटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेंद्र कुमार ने कोल इंडिया में 24 सितंबर को हड़ताल की घोषणा की. मुख्य मांगों में एफडीआइ का निर्णय वापस लेने, कोल इंडिया के सभी अनुषंगी इकाइयों को मिलाकर एक कंपनी बनाने, ठेका एवं आउट सोर्स से कोयला खनन बंद करने तथा कोल इंडिया में बंद सभी तरह के नियोजन चालू करने की मांग शामिल है.

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