आसनसोल : उपन्यासकार एवं कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की याद में नगर निगम मुख्यालय के सभागार में उर्दू अकादमी ने एकदिवसीय कार्यक्रम" एक दिन अफसाना व इनशाइया के नाम " का आयोजन किया. उद्घाटन मेयर जितेंद्र तिवारी ने किया. शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों ने प्रेमचंद के साहित्य और उनके संघर्षमय जीवन पर प्रकाश डाला. मुंशी प्रेमचंद की रचनाओं व लघु कथाओं को प्रस्तुत किया गया.
आम आदमी केंद्र में था प्रेमचंद की रचनाओं में

आम आदमी केंद्र में था प्रेमचंद की रचनाओं में
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आसनसोल : उपन्यासकार एवं कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की याद में नगर निगम मुख्यालय के सभागार में उर्दू अकादमी ने एकदिवसीय कार्यक्रम" एक दिन अफसाना व इनशाइया के नाम " का आयोजन किया. उद्घाटन मेयर जितेंद्र तिवारी ने किया. शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों ने प्रेमचंद के साहित्य और उनके संघर्षमय जीवन पर प्रकाश डाला. मुंशी प्रेमचंद की […]
मेयर श्री तिवारी ने प्रेमचंद की रचनाओं को प्रासंगिक बताते हुए उपन्यास एवं हिंदी साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान को रेखांकित किया. प्रेमचंद को हिन्दी और उर्दू के भारतीय लेखकों में महानायक बताया. उनकी रचनाओं के कायल बंगाल के उपन्यासकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय ने उन्हें उपन्यास सम्राट कहकर संबोधित किया था. साहित्य की यथार्थवादी परंपरा की नींव रखने वाले प्रेमचंद संवेदनशील लेखक, सचेत नागरिक के साथ कुशल वक्ता भी थे.
साहित्य को सामाजिक सरोकारों और प्रगतिशील मूल्यों के साथ आगे बढ़ाने वाले प्रेमचंद ने कहानी और उपन्यास दोनो में युगान्तरकारी परिवर्तन किया. प्रेमचंद ने आम आदमी को अपनी रचनाओं का विषय बनाया और उसकी समस्याओं पर खुलकर कलम चलाते हुए उन्हें साहित्य के नायकों के पद पर आसीन किया. उन्होंनें प्रेमचंद को हिंदी साहित्य का सिरमौर बताया.
अकादमी अध्यक्ष डॉ शाबरा हीना, मुश्ताक आजमी, ईशरत बेताब, नजीर अहमद मुफ्ती, सैफुल इस्लाम सैफ आदि उपस्थित थे. अध्यक्षता खुर्शीद गनी एवं संचालन खालिक अजीज ने किया.
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