विभिन्न बाजारों में हुई राखी की जमकर बिक्री

पोद्दार परिवार अपने स्तर से बनाता है राखी, करता है संस्था को दान पिता की परंपरा का निर्वाह कर रहे परिवार के मुखिया दुर्गाप्रसाद पोद्दार बांकुड़ा : भाई बहन के पवित्र रिश्ते के पर्व रक्षाबंधन को लेकर बाजार में जम कर खरीददारी हो रही है. बहनों ने उल्लास के साथ खरीदारी की. विभिन्न किस्मों की […]

पोद्दार परिवार अपने स्तर से बनाता है राखी, करता है संस्था को दान

पिता की परंपरा का निर्वाह कर रहे परिवार के मुखिया दुर्गाप्रसाद पोद्दार
बांकुड़ा : भाई बहन के पवित्र रिश्ते के पर्व रक्षाबंधन को लेकर बाजार में जम कर खरीददारी हो रही है. बहनों ने उल्लास के साथ खरीदारी की. विभिन्न किस्मों की राखियों से बाजार की दुकानें पटी हैं. बुधवार को ही दोस्ती एवं भाईचारे के संदेश के उद्देश्य से विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में राखी बांधने का सिलसिला शुरू हो गया. रेशम की डोरी की राखी से लेकर फूलों की राखी की खरीददारी जोरों पर रही. पहले बहन भाई की कलाई में राखी बांधने के लिए खुद ही राखी बनाती थी.
किन्तु आधुनिक युग में राखी बनाने की जगह रेडीमेड की डिमांड अधिक है. शहर के कुचकुचिया रोड स्थित फांसीडांगा मोहल्ले में ऐसा मारवाड़ी परिवार है जो राखी बनाने की कला को संजोये रखा है. पोद्दार परिवार राखी बनाता है तथा तैयार राखियों को निजी संस्थाओं को बिना मूल्य सौंप देता है ताकि कोई भी कलाई सूनी न रहे. डेढ़ दशकों से पोद्दार परिवार राखी बनाने का काम कर रहा है.
परिवार के मुखिया दुर्गाप्रसाद पोद्दार ने कहा कि वे पिता के नक्शे कदम पर चल रहे है. उन्होंने किसी ग़ैर सरकारी संस्था को दान कर देने के प्रति प्रेरणा जगाई थी. हर वर्ष तीन से चार हजार राखी बनाकर अनुशीलन समिति को सौंप दिया जाता है. पश्चिम बंगाल प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन के सचिव नरेंद्र शर्मा ने कहा कि रेडीमेड राखी खरीद ली जाती है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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