पुलिस पब्लिक पार्टनरशिप को आधार बनाकर तैयार किया गया डीपीआर
पुलिस आयुक्त ने कहा – मंजूरी के लिए शीघ्र भेजा जायेगा राज्य मुख्यालय
अपराधियों के साथ-साथ पुलिस कर्मियों की गतिविधि पर रहेगी कड़ी नजर
आसनसोल : अपराध नियंत्रण और ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रखने के उद्देश्य से कमिश्नरेट क्षेत्र में तीन हजार सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे. इसके लिए सरकारी और पुलिस पब्लिक पार्टनरशिप का उपयोग होगा. इनमें से एक हजार कैमरे लाइव फीड देंगे. इस समय कमिश्नरेट क्षेत्र में सिर्फ 250 कैमरे ही विभिन्न स्थलों पर लगे है. इनमें से 70 कैमरे लाइव फीड देते हैं. पुलिस आयुक्त देवेंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि कमिश्नरेट क्षेत्र की सभी इंट्री प्वायंट पर नंबर प्लेट रीडर (एनपीआर) कैमरे लगाये जायेंगे.
पुलिस आयुक्त श्री सिंह ने कहा कि बुदबुद से लेकर सालानपुर तक के इलाके में 24 घंटों निगरानी रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे की भूमिका अहम है. सीसीटीवी लगने से अपराध पर काफी अंकुश लग सकेगा. पूरे इलाके का सर्वे करने के बाद 3000 सीसीटीवी कैमरें लगाने का निर्णय लिया गया है. इन्हें सरकारी और पुलिस पब्लिक पार्टनरशिप पर लगाया जायेगा. डीपीआर तैयार हो गई है. इसे राज्य मुख्यालय शीघ्र भेजा जायेगा.
उन्होंने कहा कि योजना की लागत राशि काफी बड़ी है. इसे लेकर आसनसोल नगर निगम, दुर्गापुर नगर निगम और आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकरण (अड्डा) के साथ प्राथमिक स्तर पर बात हो चुकी है. इलाके के व्यवसायी, उद्योगपति, हाउसिंग सोसाइटी से भी बात की जा रही है.उन्हें कहा गया है कि वे अपने इलाके को सुरक्षित रखने के लिए सीसीटीवी लगाये. उनके इलाके में स्थल का चयन पुलिस के स्तर से किया जायेगा. उन्होंने कहा कि कमिश्नरेट इलाके में एक हजार लाइव सीसीटीवी कैमरें लगेंगे. जो सीधे कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे. इलाके की केबल कंपनियों की मदद ली जायेगी.
पूरे क्षेत्र में उनके ऑप्टिकल फाइबर केबल का नेटवर्क है. उनके इस नेटवर्क का उपयोग किया जायेगा. श्री सिंह ने कहा कि कुल्टी थाना, चित्तरंजन थाना, सालानपुर थाना और बाराबनी थाना झारखंड की सीमा पर होने के कारण अपराधी किसी भी कांड को अंजाम देकर यहां से दूसरे राज्य में प्रवेश कर जाते है. इसपर अंकुश लगाने के लिए कमिश्नरेट क्षेत्र में हर इंट्री प्वायंट पर एनपीआर कैमरा लगाया जायेगा. हाई डेफिनेशन कैमरा किसी भी वाहन को उसके सामने से गुजरने पर उसका नंबर रिकार्ड कर सकता है. ऐसे में यहां दाखिल होने वाले और यहां से निकलने वाले हर वाहन पुलिस की निगरानी में होगे.
इलाके में तीन हजार कैमरा लगने पर सिर्फ अपराधी ही नहीं पुलिस की हर गतिविधि भी तीसरी आंख की निगरानी में होगी. सड़क पर पुलिस क्या करती है. यह भी रिकार्ड होगा. इससे पुलिस भी सजग होकर अपनी ड्यूटी निभाएगी. श्री सिंह के कहा कि सीसीटीवी लगने से अपराधी भी किसी अपनी हरकत को नियंत्रण में रखने को बाध्य होंगे.
आगामी दो से टीम माह के अंदर इस परियोजना को पूरा करने को लेकर कार्य किया जा रहा है. पुलिस आयुक्त श्री सिंह ने कहा कि पुलिस पब्लिक पार्टनरशिप मोड में सुरक्षा निगरानी कमेटी भी गठित की जायेगी. जिसमें इलाके के आम नागरिकों को जोड़ा जाएगा. सुरक्षा के मुद्दे पर सभी की सलाह ली जायेगी.
