50 करोड़ की योजना पर श्रमिक प्रतिनिधियों ने उठाया सवाल
योजना की प्राथमिकता के संबंध में जानकारी दी प्रबंधन ने
सांकतोड़िया : कोल इंडिया लिमिटेड (सीआइएल) ने अपनी अनुषंगियों के 300 खदानों में पांच हजार से अधिक सुरक्षा कैमरे लगाये हैं ताकि चोरी पर अंकुश लगाया जा सके. इसके बावजूद भी कोलियरी क्षेत्र में कभी केबल चोरी तो कभी लोहा चोरी की घटना अक्सरहां हो रही हैं. श्रमिक प्रतिनिधियों में भी नाराजगी जताई है.
उनका कहना है की जब चोरी की घटना पर अंकुश लगाने के लिए लाखों रुपये खर्च कर सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं तो चोरी की घटना में अभी तक प्रबंधन ने किसी को गिरफ्तार क्यों नहीं किया? ईसीएल के अधिकारी ने कहा की कंपनी ने यह कदम चोरी रोकने तथा आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिये उठाया है. 50 करोड़ रुपये की इस परियोजना से कंपनी के कोलकाता मुख्यालय तथा क्षेत्रीय कार्यालयों में लाइव फीड प्रसारित होगा.
कोल इंडिया इस मुहिम से दो लक्ष्यों को पाना चाहती है. चोरी रोकने के लिये कोलियरीज की लाइव निगरानी विशेषकर रेल पर कोयले को लादते समय चोरी रोकना तथा संकट की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया करना है. उन्होंने कहा कि ‘इस परियोजना के तहत उन रणनीतिक जगहों पर 51 सौ सीसीटीवी लगाये गये हैं जो चोरी के लिहाज से संवेदनशील हैं. मालूम हो की कंपनी का आईटी विभाग एक ऐसी प्रणाली पर काम कर रहा है जो चोरी की स्थिति में स्वत: ही अलार्म बजा देगी.
