रानीगंज एवं जमुडीया को मिलाकर महकमा घोषित करने को उठी मांग
आसनसोल नगर निगम में कार्य का बोझ बढ़ने से समय पर नहीं हो रहा कार्य
रानीगंज : रानीगंज एवं जमुडीया शहर को मिलाकर महकमा घोषित की मांग को लेकर वामपंथी संगठन की ओर से शनिवार को तार बांग्ला क्षेत्र में सेमिनार का आयोजन किया गया. वामपंथी नेता सृजन चक्रवर्ती ने कहा कि रानीगंज शहर का एवं जमुडीया शहर का एक ऐतिहासिक महत्व है.
इन दोनों शहरों को आसनसोल नगर निगम में विलय करना एवं यहां के व्यवसायियों को नगर निगम संबंधित कार्य के लिए बार बार आसनसोल जाना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है. आसनसोल नगर निगम में कार्य का इतना बोझ बढ़ गया है, जिसके कारण लोगों का कार्य समय से नहीं हो रहा है.
इसका सरलीकरण करने के लिए रानीगंज एवं जमुरिया शहर को मिलाकर महकमा घोषित कर देना चाहिए. इसके लिए वामपंथी संगठन की तरफ से आंदोलन की रूपरेखा शुरू की गई है जो लगातार चलेगी. आम जनता को साथ में लेकर इस मुहिम को तेज आंदोलन में बदला जाएगा. अगर यह दोनों शहर को मिलाकर महकमा घोषित किया जाए तो लोगों के कार्य भी जल्दी होंगे एवं आसनसोल नगर निगम अधिकारियों का कार्य लोड भी कम होगा.
रानीगंज शहर काफी प्राचीन शहर है. रानीगंज रेलवे स्टेशन का एक इतिहास है, रविंद्र नाथ टैगोर के दादा प्रिंस दारूकानाथ रानीगंज में टैगोर एंड कंपनी का गठन किया था. आसनसोल के पूर्व सांसद वंशगोपाल चौधरी ने कहा कि रानीगंज एवं जमुडीया के लोगों को नगर पालिका आसनसोल में विलय होने के बाद काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही है. रानीगंज-जमुडीया को महकमा घोषित करने के लिए हम लोग लगातार आंदोलन करते रहेंगे. इस मौके पर पूर्व विधायक गौरंगा चटर्जी, रानीगंज के विधायक रनु दत्त, रानीगंज के पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष अनूप मित्रा, तापस कवि, अमित मलिक आदि उपस्थित थे.
