हर बूथ ‘तीसरी आंख’ की निगरानी में

केटेगरी के अनुसार सीसीटीवी, वेब कास्टिंग, वीडियोग्राफी की व्यवस्था चुनाव पर्यवेक्षक से चर्चा के बाद किया जायेगा इन तकनीकों का उपयोग आसनसोल : आसनसोल. लोकसभा चुनाव में पश्चिम बर्दवान जिला अंतर्गत सभी 2446 बूथ ‘तीसरी आंख’ की निगरानी में रहेंगे. बूथों की केटेगरी के आधार पर उनमें सीसीटीवी कैमरा, वेव कास्टिंग और वीडियोग्राफी की व्यवस्था […]

केटेगरी के अनुसार सीसीटीवी, वेब कास्टिंग, वीडियोग्राफी की व्यवस्था

चुनाव पर्यवेक्षक से चर्चा के बाद किया जायेगा इन तकनीकों का उपयोग

आसनसोल : आसनसोल. लोकसभा चुनाव में पश्चिम बर्दवान जिला अंतर्गत सभी 2446 बूथ ‘तीसरी आंख’ की निगरानी में रहेंगे. बूथों की केटेगरी के आधार पर उनमें सीसीटीवी कैमरा, वेव कास्टिंग और वीडियोग्राफी की व्यवस्था होगी. अतिरिक्त जिलाशासक (जनरल) अरिंदम राय ने बताया कि बूथों पर इन तकनीक के उपयोग का निर्णय पर्यवेक्षक के आने के बाद उनकी सहमति से होगा. संवेदनशील, अति संवेदनशील और सामान्य बूथों की सूची भी पर्यवेक्षक के साथ चर्चा के बाद ही तैयार की जायेगी.

निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के उद्देश्य से चुनाव आयोग ने सभी बूथों को तीसरी आंख (सीसीटीवी कैमरा, वेब कास्टिंग और विडियोग्राफी) की निगरानी में रखने का निर्णय लिया है. बूथों की केटगरी के आधार पर किसी में सीसीटीवी, किसी में वेब कास्टिंग या वीडियोग्राफी की व्यवस्था रहेगी. उन्होंने कहा कि वेब कास्टिंग में बूथों की पूरी जानकारी ऑनलाइन दिखाई देगी. इसका निर्णय पर्यवेक्षक की सहमति से होगा.

मतदाताओं के लिए टोल फ्री नंबर

मतदाता परिचय पत्र से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए चुनाव आयोग के निर्देश पर जिले में टोल फ्री नम्बर हेल्प लाइन नंबर 1950 जारी किया गया है. इस पर कॉल करने पर मतदाता अपना बूथ, सीरियल नंबर, मतदान तालिका में नाम चढ़ाने, नाम संशोधन करने, कार्ड खोने से संबंधित जानकारी मिलेगी. अतिरिक्त जिलाशासक श्री राय ने बताया कि मतदाताओं की सभी जानकारी देने के लिए कंट्रोल रूम में चार कर्मियों की तैनाती की गयी है. मतदाता के किसी सवाल का तत्काल जवाब यदि नहीं दिया जा सकता है तो उनका नंबर लिख लिया जायेगा और जल्द से जल्द उनको जवाब मुहैया कराया जायेगा.

शिकायत के लिए सी विजिल एप्प

अतिरिक्त जिलाशासक श्री राय ने बताया कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद किसी भी प्रकार की शिकायत सी विजिल एप्प के जरिये दी जा सकेगी. उनका निष्पादन सौ मिनट के अंदर किया जायेगा. शिकायत की घटनास्थल से फोटो लेकर या वीडियो बनाकर एप्प के जरिये डाउननलोड करके भेजना होगा. इसके लिए मोबाइल का जीपीएस ऑन रखना होगा वरना शिकायत दर्ज नहीं होगी. जीपीएस के आधार पर शिकायतकर्ता का लोकेशन प्राप्त होगा और जिला कंट्रोल रूम से उस शिकायत को उस क्षेत्र सहायक पंजीकृत अधिकारी (एआरओ) को भेजी जायेगी.

शिकायत के निष्पादन के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में तीन फ्लाइंग स्क्वायड टीम होगी. टीम में एक मजिस्ट्रेट, एक पुलिस अधिकारी और तीन कांस्टेबल होंगे. शिकायत मिलने के सौ मिनट के अंदर स्क्वायड टीम इसका निष्पादन कर रिपोर्ट एआरओ को देंगी. एप्प में इस शिकायत का निष्पादन रिपोर्ट एआरओ अपलोड करेंगे.

मानविक के आधार पर दिव्यांग की पहचान

अतिरिक्त जिलाशासक श्री राय ने कहा कि जिलाशासक शशांक सेठी के निर्देश पर जिले में सभी दिव्यांग की पहचान की प्रक्रिया आरम्भ की गयी है. जिले में राष्ट्रीय सामाजिक सहायक कार्यक्रम (एनएसएपी) के तहत इंदिरा गांधी दिव्यांग पेंशन स्कीम के तहत 172 लाभुक और राज्य सरकार की मानविक परियोजना के तहत 3100 लाभुक है, जिन्हें दिव्यांग का पेंशन मिलता है. इस सूची के आधार पर उनके नाम मतदाता सूची में चढ़ाने का कार्य चल रहा है. विशेष अभियान के तहत घर-घर सर्वे चल रहा है.

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