आसनसोल : आसनसोल नगर निगम के सहयोग से युवा शिल्पी संसद द्वारा आयोजित आसनसोल पुस्तक मेले में सोमवार को लिटिल मैगजीन ‘मनपाडा’ की पहल पर युवाओ की मानसिक अवस्था पर परिचर्चा आयोजित हुई.
होमियोपैथी चिकित्सा विशेषज्ञ देवाशीष बनर्जी, केएनयू के मनोचिकित्सा विभाग के अधिकारी शुभव्रत पोद्दार, आसनसोल जिला अस्पताल की सलाहकार मोमिता चटर्जी मिश्र, शुभाशीष चक्रवर्ती आदि उपस्थित थे.
केएनयू के स्टूडेंट्सों ने नाटक प्रस्तुत किया. डॉ बनर्जी ने कहा कि बच्चे बचपन में कई प्रकार की शैतानियां करते है. जिसे वे अपने माता के साथ साझा करते है.
लेकिन स्कूल में किसी कारणवश यदि उनको दंड मिला हो तो वे उसे माता पिता से छिपा लेते है. गार्जियन को बच्चो की प्रत्येक गतिविधियो को पर नजर रखनी चाहिए. जिससे उनके भीतर से अवगुणो को दूर किया जा सके.
युवकों में विशेष रूप से जोश से कार्य को करने का जुनून सवार रहता है. बचपन से लेकर युवा अवस्था तक माता पिता को बच्चे की गतिविधियो पर ध्यान देना जरूरी है. पुस्तक मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमो में संध्या समय आवृति आसर का आयोजन हुआ.
जिसमें आशा निकेतन के बच्चो ने भी हिस्सा लिया. इसमें संदीपन भट्टाचार्या, समवृत्ता दास राय, वंदना घोष, लिपिका राय, काकली देवनाथ, नवमिता कुंडू, पियाली घोष, नीता कवि मुखर्जी आदि उपस्थित थे.
सुदीप राय ने मंच का संचालन किया. मेले में सोमवार को छह हजार पुस्तक प्रेमी आये. जीआरवी, रॉय बुक स्टॉल, दूज पब्लिसर्स के स्टॉल में पुस्तक प्रेमियो को भीड़ थी. साथ ही चिल्ड्रेन बुक सेंटर में बच्चो की मनपंसद पुस्तक बच्चो का मन लुभा रही थी. योगधा सत्संग के स्टॉल पर बांग्ला भाषियो की भीड़ थी.
आनंद पब्लिसर्स स्टॉल पर कोर्स की पुस्तको की जानकारी के लिये स्टूडेंट्स पूछताछ कर रहे थे. लिटिल मैगजीन मन पाडा, पश्चिम विज्ञान मंच, कल्पनागर साहित्य प्रकाशनी, शब्दायरन, देख आदि भी आकर्षण का केन्द्र है. पाठको में लिटिल मैगजीन के प्रति भी जागरूकता है.
