चिनाकुड़ी : एक तरफ नये वर्ष के आगमन पर लोग जश्न मना रहे हैं तो दूसरी तरफ इंडिया पॉवर कंपनी (डीपीएससी) में कार्य से हटाये गये ठेका श्रमिकों ने मंगलवार को डिसरगढ़ पॉवर स्टेशन ठेका मजदूर संघ (बीएमएस) के नेतृत्व में इंडिया पॉवर कंपनी गेट के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया. वे कार्य पर वापस नियुक्त करने की मांग कर रहे थे.
संघ अध्यक्ष धीरज गिरि, महामंत्री नारायण चन्द्र मंडल, सचिव सुरेंद्र रजक, सहायक सचिव अशोक कुमार, गोविंद माजी आदि ने नेतृत्व किया. अध्यक्ष श्री गिरि ने कहा कि इंडिया पॉवर कंपनी (डीपीएससी) प्रबंधन ने हमेशा ठेका श्रमिकों के साथ सौतेला व्यवहार किया है. देश के हर सेक्टर में ठेका मजदूरों की बदौलत ही हर कंपनी फलफूल रही है और मुनाफा कमा रही है.
उसके वावजूद भी हर कंपनी प्रबंधन ठेका श्रमिकों का ही शोषण करता है. इस रवैये को बीएमएस कभी बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि जब पूरा देश नववर्ष की ख़ुशी मना रहा है, वहीँ इंडिया पॉवर कंपनी (डीपीएससी)प्रबंधन ने कंपनी में काम करने वाले ठेका श्रमिकों को रोजी रोटी छीनकर नव वर्ष का तोहफा दिया है.
उन्होंने कहा कि श्रम कानून का उल्लंघन हो रहा है. छंटनी करन से पहले कारण बताना होगा और उन्हें सूचना देनी होगी. बिना कारण बताये एवं सूचना दिये किसी भी मजदूरों को नहीं हटाया जा सकता है.
नये वर्ष पर जब ठेका मजदूर काम पर आये तो पता चला कि 17 ठेका मजदूरों को छंटनी कर दी गई है. उनकी हाजिरी बंद कर दी गई है. कारण पूछने पर कहा गया कि उनकी उम्र 60 वर्ष हो चुकी है.
लेकिन छंटनीग्रस्त ठेका श्रमिकों की उम्र 60 वर्ष से कम है. उन्होंने कहा कि नियोजन मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा. कंपनी अधिकारियों ने कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया. उन्होंने कहा कि कारण ठेका श्रमिकों को बता दिया गया है.
इवीएम चिप लगे डेबिट कार्ड से फर्जी निकासी नहीं
आसनसोल : सुरक्षा के दृष्टिकोण से मेग्नेटिक पट्टी लगे डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड के उपयोग पर एक जनवरी से देश के सभी वित्तीय संस्थानों ने स्थायी रूप से रोक लगा दी है. इनके स्थान पर बैंकों ने ग्राहकों को नि:शुल्क इवीएम चिप लगे डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड जारी किये हैं.
शिल्पांचल के सभी सार्वजनिक एवं निजी बैंकों ने से पुराने मेग्नेटिक कार्ड को बदलने के लिये 31 दिसंबर तक का समय दिया था. इससे मेग्नेटिक पट्टी लगे एटीएम कार्ड से होने वालेसाइबर अपराधों पर लगाम लग सकेगी. बीएनआर स्थित एसबीआई मेन ब्रांच के महाप्रबंधक अभिमन्यु नायक ने कहा कि मेग्नेटिक पट्टी वाले कार्ड के स्ट्रीप में ग्राहक की सभी जानकारियां दर्ज रहती हैं.
कार्ड को उपयोग के समय मशीन में स्वैप के दौरान साइबर अपराधी उसका क्लोन बना कर डुप्लीकेट कार्ड बना लेते हैं और ग्राहक के खाते से रकम निकाल ली जाती है. परंतु एवीएम कार्ड में एक चिप लगी रह्ती है. जिसमें ग्राहक के खाते से जुड़ी एनकृपटेड जानकारी स्टोर रहती है. जिसे क्लोन करना संभव नहीं होता.
