भादवि की धारा 174ए में नयी प्राथमिकी

बर्नपुर : हीरापुर थाना अंतर्गत नवाघंटी निवासी तथा केटरिंग व्यवसायी राणा बनर्जी हत्याकांड (हीरापुर थाना कांड संख्या 346/2017) के आरोपी रीतेन बसाक उर्फ फूफा और कृष्णेन्दू मुखर्जी के खिलाफ पुलिस जांच अधिकारी ने भारतीय दंड विधान (आईपीसी) की धारा 174 ए के तहत नया मामला दर्ज किया. इधर हत्याकांड में गिरफ्तार तथा न्यायिक हिरासत में […]

बर्नपुर : हीरापुर थाना अंतर्गत नवाघंटी निवासी तथा केटरिंग व्यवसायी राणा बनर्जी हत्याकांड (हीरापुर थाना कांड संख्या 346/2017) के आरोपी रीतेन बसाक उर्फ फूफा और कृष्णेन्दू मुखर्जी के खिलाफ पुलिस जांच अधिकारी ने भारतीय दंड विधान (आईपीसी) की धारा 174 ए के तहत नया मामला दर्ज किया.
इधर हत्याकांड में गिरफ्तार तथा न्यायिक हिरासत में रहे आरोपियों का कस्टडी ट्रायल कोर्ट में आरम्भ हो गया है. पुलिस जांच अधिकारी का दावा है कि आरोपियों को सजा दिलाने के लिए जांच में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं. रीतेन तथा कृष्णेन्दू को भगौड़ा बता उन्हें ट्रायल से अलग रखा गया है.

  • राणा बनर्जी हत्याकांड में जमानत का कोई मौका नहीं देगी हीरापुर पुलिस
  • फूफा, कृष्णेन्दू को भगौड़ा साबित कर अन्य आरोपियों का कस्टडी ट्रायल
  • दुर्गापुर के तीन अधिवक्ताओं की टीम ने लगाई थी स्पेशल कोर्ट में गुहार
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस हत्याकांड में आरोपी रीतेन बसाक के पक्ष में दुर्गापुर महकमा अदालत के तीन वरीय अधिवक्ताओं की टीम ने बुधवार को आसनसोल जिला अदालत के स्पेशल जज के समक्ष उसके सरेंडर की अपील की. लेकिन स्पेशल जज ने ट्रायल की इस स्थिति में उनकी अपील पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि इसके लिए सक्षम कोर्ट के समक्ष सरेंडर करना होगा. इसके साथ ही फूफा के सरेंडर करने की प्रक्रिया अधर में लटक गयी.
सनद रहे कि राणा बनर्जी हत्याकांड में पुलिस ने सात आरोपियों को नामजद बनाया था. इनमें से पांच आरोपी पिता-पुत्र मिल्टन सेन व सागर सेन, अजय हाड़ी, सुभाष मंडल तथा बबलू माजी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. ये सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में ही हैं. अन्य दो नामजद आरोपी फूफा और कृष्णेन्दू की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने जगह-जगह छापेमारी की.
गिरफ्तारी न होने पर अदालत के आदेश पर अरेस्ट वारंट और लुक आउट जारी हुआ. इसके बाद भी गिरफ्तारी न होने पर अदालत ने इनकी चल-अचल संपत्ति जब्त (कुर्की) करने का आदेश जारी किया. कुर्की जब्ती के बाद भी इनकी गिरफ्तारी न होने पर कोलकाता उच्च न्यायालय के डिवीजन बेंच के न्यायाधीशों के आदेश पर आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के मोस्ट वांटेड की सूची में इन्हें शामिल कर दिया गया. इसके बाद भी गिरफ्तारी न होने पर इस मामले में पुलिस ने अंतिम मामला 174 ए को जोड़कर नया मामला दर्ज कर दिया.
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी नारायण मीणा ने बताया कि प्रोकलेन (कुर्की जब्ती) की प्रक्रिया के बाद भी यदि आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, ऐसे में भादवि की धारा 174 ए के तहत मामला दर्ज किया जाता है. यह धारा लगने पर कभी भी आरोपी को जमानत नहीं मिल सकती है.
इधर न्यायिक हिरासत में बंद पांच आरोपियों के कस्टडी ट्रायल को लेकर पुलिस ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट का प्रावधान रखकर अदालत में चार्जशीट जमा कर दी. फाइनल चार्जशीट फरार दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जमा करेगी. अदालत ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट के आधार पर ही मामले का कस्टडी ट्रायल आरम्भ कर दिया.
मामले में मोस्ट वांटेड फूफा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को जिला अदालत के स्पेशल जज के समक्ष सरेंडर करने की अपील दायर की. यह अपील दुर्गापुर से आये तीन अधिवक्ताओं की टीम ने दायर किया. फूफा को किसी ने जिला अदालत परिसर में नहीं देखा. स्पेशल जज ने अपील को स्वीकार्य ही नहीं किया. जिसके कारण फूफा की सरेंडर की प्रक्रिया अधर में लटक गयी. इस सरेंडर की प्रक्रिया को देखते हुए पुलिस ने अपना अंतिम कार्ड 174ए खेल दिया. अब इस मामले में जमानत की सारी उम्मीदें समाप्त हो गयी. वे जब भी सरेंडर करें या पुलिस उन्हें गिरफ्तार करें उनकी जमानत आसानी से नहीं होगी.

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