आसनसोल : फरीद आलम हत्याकांड में पकड़े गए दो आरोपी कुल्टी के संतोष चौधरी और बराकर के नवीन सिंह चार सितंबर को कांड के बाद कोलकाता निकल गए थे,. नवीन सुबह सवा तीन हावड़ा स्टेशन पर उतर कर किसी को फोन किया था. उसके बाद वह बागुईहाटी इलाके में चला गया. अधिकांश समय वह उसी इलाके में ही रहा और सात सितंबर को वापस लौट आया. संतोष सुबह 10 बजे कोलकाता पहुंचा और किसी को फोन किया. वह कालीघाट इलाके में आ गया.
दोनों के बीच कोलकाता में फोन पर आपसी बातचीत के पुख्ता कुछ सबूत पुलिस को नहीं मिले है. कांड के बाद दोनों अलग अलग कोलकाता गए और दोनों अलग अलग रहे. जबकि पुलिसिया जांच में यह खुलासा हो चुका है कि नवीन संतोष का शागिर्द है. ऐसे में दोनों का कोलकाता में अलग अलग अलग जाना और अलग अलग जगहों पर रूकना पुलिस के संदेह को मजबूत किया है.
कोलकाता में यह किसके साथ मिले किनसे बात की यह पुलिस इनसे उगलवाने का प्रयास कर रही है. एडीसीपी (वेस्ट) अनामित्र दास ने कहा कि मोबाईल फोन के सीडीआर के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है और सबूतों को मजबूत किया जा रहा है. सनद रहे कि पायल इन्टरप्राइसेस के मालिक मोहम्मद इम्तियाज के पिता मोहम्मद हाजी फरीद आलम की हत्या चार सितंबर की शाम को बर्नपुर में सेल आईएसपी के 10 नम्बर गेट इलाके में टहलने के दौरान की गयी थी.
पुलिस इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है. मामले का मुख्य आरोपी बर्नपुर शांतिनगर इलाके का निवासी महेश शर्मा अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. जिसे पकड़ने के लिए पुलिस हर सम्भव प्रयास कर रही है. इसके अलावा भी मामले में सुपारी किलर किसी शूटर के शामिल होने की भी बात आयी है. पुलिस शूटर की भी तलाश कर रही है. पुलिस के लिए सीडीआर का यह आंकड़ा संदेह को और भी मजबूत कर दिया है. इनके पास और भी कुछ फोन नम्बर है.
जिनकी जानकारी यह लोग पुलिस को नहीं बता रहे है. कोलकाता में दोनों ने अपने अपने मोबाईल से दो दिनों में दर्जनों फोन किये है. जिनसे भी इनलोंगों ने बात की उन नम्बरों का भी सीडीएसर निकाला गया है. पुलिस सीडीआर के जरिये तथ्यों को जुटाकर इनसे पूछताछ करने की तैयारी कर रही है. इससे पूर्व भी यह लोग महेश को पहचानने से भी इंकार कर दिया था.
पुलिस ने जब महेश के साथ इनके संपर्क होने की पुख्ता सबूत पेश की तब इनलोंगों ने महेश के साथ संपर्क होने की बात स्वीकार की. इसलिए पुलिस तथ्यों के आधार पर इनसे सच उगलवाने में जुटी है. इनके कोलकाता जाने और वहां किनसे मिले आदि गुत्थी सुलझते ही पुलिस को कांड में पुख्ता सबूत हाथ लग सकती है.
