पंचायत चुनाव पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से होली-दिवाली मनायी साथ-साथ, जिलाध्यक्ष वी शिवदासन ने बुलायी बैठक आज

आसनसोल : बीते मई महीने में संपन्न हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में निर्विरोध जीते प्रत्याशियों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के बेंच के निर्णय के बाद शुक्रवार को तृणमूल कर्मियों ने होली और दीवाली एक साथ मनायी. पश्चिम बर्दवान जिलाध्यक्ष वी शिवदासन उर्फ दासू ने इसे लोकतंत्र तथा मा-माटी–मानुष की जीत बताया. उन्होंने कहा कि […]

आसनसोल : बीते मई महीने में संपन्न हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में निर्विरोध जीते प्रत्याशियों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के बेंच के निर्णय के बाद शुक्रवार को तृणमूल कर्मियों ने होली और दीवाली एक साथ मनायी. पश्चिम बर्दवान जिलाध्यक्ष वी शिवदासन उर्फ दासू ने इसे लोकतंत्र तथा मा-माटी–मानुष की जीत बताया. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर शनिवार को पार्टी के जिला कार्यालय में बैठक बुलायी गई है.इसमें पंचायत तथा पंचायत समितियों के गठन के मुद्दे पर चर्चा की जायेगी. उन्होंने कहा कि जिला परिषद के बारे में राज्य नेतृत्व निर्णय लेगा.
जिलाध्यक्ष श्री दासू ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से भाजपा तथा माकपा को भारी शिकस्त मिली है. इन्होंने राज्य की जनता को अपमानित करने का कार्य किया है. कोर्ट ने इनके सभी झूठे आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने पूरे देश में भ्रम फैलाने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि राज्य में पंचायत, पंचायत समिति तथा जिला परिषद की करीब साढ़े 58 हजार सीटें हैं इनमें से मात्र 20 हजार सीटों पर ही निर्विरोध जीत हुई है.
जो 33 फीसदी है. इसे लोकतंत्र की हत्या बतानेवाली भाजपा का झूठ खुल गया है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव में 57 फीसदी सीटों पर निर्विरोध जीत हो चुकी है. इसके साथ ही हरियाणा में 51 फीसदी, , सिक्किम में 67 फीसदी तथा आंध्र प्रदेश में 28 फीसदी सीटों पर निर्विरोध जीत होती रही है. उन्होंने कहा कि किसी भी विपक्षी पार्टी के प्रत्याशी ने अपने स्तर से कोर्ट का दरवाजा नहीं खटखटाया है.
श्री दासू ने कहा कि कोर्ट के निर्णय के बाद पूरे जिले में पार्टी कर्मियों ने जश्न मनाया. एक-दूसरे को बधाई दी, मिठाइयां खिलाई तथा विजय जुलूस भी निकाले. उन्होंने कहा कि शनिवार को उन्होंने जिला कार्यालय में पार्टी की बैठक बुलायी है. इसमें जिले में स्थिति की समीक्षा की जायेगी. ग्राम पंचायतों में पंचायत प्रधान तथा उप प्रधान तथा पंचायत समितियों में अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों पर चर्चा की जायेगी.
जिला परिषद के बारे में राज्य नेतृत्व निर्णय लेगा. उन्होंने कहा कि पंचायत प्रधानों तथा पंचायत समिति अध्यक्षों के चुनाव में विभिन्न पहलउओं पर विचार किया जायेगा. उन्होंने दावा किया कि आगामी वर्ष होनेवाले संसदीय चुनावों में भी पार्टी को शानदार जीत मिलेगी.

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