विनय-अनित के नेतृत्व में पहाड़ विकास की ओर अग्रसर : योन्जन
दार्जिलिंग : विमल गुरुंग गुट की ओर से गोर्खा के 11 जाति-गोष्ठी को जनजाति में शामिल करने की मांग करके जनता को फिर से गुमराह करने का असफल प्रयास करने का आरोप गोर्खा जनमुक्ति युवा मोर्चा ने लगाया है. युवा मोर्चा की ओर से जारी किये गये एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से केंद्रीय अध्यक्ष अमृत योन्जन ने कहा है कि 11 जातियों व गोष्ठियों को जनजाति का दर्जा देने के विषय को लेकर राजनीतिकरण का प्रयास किया जा रहा है.
युवा मोर्चा की ओर विज्ञप्ति के माध्यम से कहा गया है कि विमल गुरुंग गुट के पूर्व कर्नल रमेश आले, लोपसांग लामा आदि ने सांसद सुरेंद्र सिंह अहलुवालिया के नेतृत्व में केंद्रीय जनजाति मंत्री ओराम के साथ मुलाकात करके जनजाति की मांग को शीध्र ही आर-पार करने की गुहार लगाने का समाचार स्थानीय समाचार पत्रों में छपा है. लेकिन यह कुछ नहीं बल्कि जनता की आंखों में धूल झोंकने का असफल प्रयास है.
जनता इन बातों को भली भांति समझती है. उन्होंने कहा कि विगत 2017 में 105 दिनों का पहाड बंद करके पहाड़ की जनता को बीच सड़क पर छोड़कर अपनी जिम्मदारी से भागने वाले आज बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं. जनजाति के मुद्दों पर पिछले 2014 से ही निरीक्षण अंतर्गत है. इसको तह तक पहुंचाने के लिये जीटीए चेयरमैन विनय तमांग काम कर रहे हैं. जीटीए चेयरमैन विनय तमांग की अपील पर ही राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी ओर से सबंधित विभागीय अधिकारियों को पत्राचार भी किया जा चुका है. जिसके कारण आगामी कुछ ही दिनो के भीतर खुश खबरी मिलने वाला है. श्री योन्जन ने कहा है कि विमल गुरूग के समय में जनता को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा था. लेकिन विनय और अनित के समय में पहाड़ के चारो ओर विकास कार्य हो रहा है
