कोलकाता : राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य के अग्निशमन व आपातकालीन विभाग ने आवेदन करने से 60 दिनों की जगह 45 दिनों में फायर लाइसेंस देने की घोषणा की है.पश्चिम बंगाल अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा के महानिदेशक जग मोहन ने बुधवार को सीआइआइ द्वारा अग्निसुरक्षा पर आयोजित संगोष्ठी में भाग लेते हुए ये बाते कहीं.
उन्होंने कहा कि पूरे देश में आग लगने की 25 फीसदी घटनाएं इलेक्ट्रिसिटी के कारण लगती है तथा प्रतिदिन बिजली से करंट लगने से 25 लोगों की मौत होती है तथा देश की फैक्ट्रियों में आठ फीसदी मौतें इलेक्ट्रिकल दुर्घटनाएं के कारण होती है. उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि वे अपनी इकाइयों की डिजाइनिंग राष्ट्रीय स्तर के कानून के साथ-साथ स्थानीय कानून के अनुसार करें तथा नेशनल बिल्डिंग कोड 2016 तथा नेशनल इलेक्ट्रिसिटी कोड 2011 का पालन करें.
उन्होंने कहा कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत विभाग ने फायर लाइसेंस आवेदन करने के 45 दिनों के अंदर देने का निर्णय किया है. परिचर्चा में भाग लेते हुए टाटा स्टील लिमिटेड के सेफ्टी, हेल्थ एवं सस्टेनबिलिटी के वाइस प्रेसिडेंट संजीव पॉल ने कहा कि दुर्घटनाएं रोकी जा सकती है. संगठनों का यह उद्देश्य होना चाहिए कि कोई दुर्घटनाएं नहीं घटे. इस अवसर पर अन्य वक्ताओं ने भी वक्तव्य रखें.
