आसनसोल. नियामतपुर निवासी व डीजीएमएस के पूर्व अधीक्षक त्रिभंगा मंडल (80) को उनके ही बड़े बेटे ने संपत्ति की लालच में घर से मारपीटकर बाहर निकाल दिया, न्याय पाने के लिए स्थानीय पुलिस से गुहार लगायी लेकिन कोई सहयोग ने मिलने पर शुक्रवार को आसनसोल अदालत में न्याय के लिए पहुंचे. उनके परिचित स्थानीय वकील विनोद सिंह सोलंकी ने अपने अदालत के पूर्व सुलह के एक प्रयास को लेकर उन्हें पुलिस आयुक्त कार्यालय ले गय.. श्री मण्डल ने डीसीपी (मुख्यालय) अभिषेक गुप्ता को लिखित शिकायत दी. श्री गुप्ता ने तत्काल नियामतपुर पुलिस फांडी के प्रभारी को मामले में उचित कार्यवाई करने को कहा. वकील गोपाल कृष्ण झा, संजय पांडे उपस्थित थे.
श्री मंडल ने बताया कि वे अपने दो बेटों को लेकर नियामतपुर में अपने मकान में रहते थे. बड़ा बेटा गौतम मण्डल राज्य सरकार के एक्सचेंज विभाग में हावड़ा में कार्यरत है. छोटा बेटा उत्तम मण्डल एलआईसी में एजेंट है. बड़ा बेटा अपने पत्नी और बच्चों के साथ घर मे रहता है. छोटे बेटे की शादी नहीं हुई वही उनकी देखभाल करता है. बड़ा बेटा और उसकी पत्नी घर को उनके नाम पर लिख देने के लिए काफी दिनों से प्रताड़ित कर रहे है. घर उनके नाम पर नहीं करने पर 11 जुलाई को उन्हें मार पीटकर घर से निकाल दिया. पुलिस में जाने पर पुलिस ने कोई सहयोग नहीं किया. अभी वे अपने छोटे बेटे के साथ घर की नौकरानी के घर मे कुल्टी रानितलाव में रह रहे है. न्याय पाने के लिए वे अदालत में मामला करने के लिए शुक्रवार को यहां आने पर वकील श्री सोलंकी और उनके सहयोगी ने उन्हें पुलिस आयुक्त कार्यालय ले गए जहां उन्होंने लिखित शिकायत की. श्री सोलंकी ने बताया कि यदि कार्यवाई नहीं होती है तो मौलिक अधिकार के हनन का मामला उच्च न्यायालय में दाखिल किया जायेगा.
