आसनसोल / बर्नपुर : उत्कल सांस्कृतिक परिषद् ने रविवार को बर्नपुर बाटा मोड स्थित जगनाथ मंदिर परिसर से भगवान जगन्नाथ के विग्रहो की उल्टी रथयात्रा निकाली. सेल आईएसपी के महाप्रबंधक (वित्त व प्रशासन) बीसी महापात्र ने प्रधान सेवक के रूप में रथ को खीचकर यात्रा शुरू की. उत्कल सांस्कृतिक परिषद सचिव डॉ यूसी साहू, अध्यक्ष पीके पांडा, डीजीएम (प्रोजेक्ट) पीसी जाना, एसएन दास, मानस मल्लिक, सजल नायक, भरत राउत, आदि उपस्थित थे. रथयात्रा मंदिर परिसर से निकलकर गुरूद्वारा रोड, त्रिवेणी मोड, स्टेशन रोड, पंचमुखी मंदिर पहुंची. वहां पूजा अर्चना के बाद पुन: रथ आगे बढ़ा.
बारी मेदान स्थित टाउन पूजा मंदिर में पूजा के बाद रथयात्रा बस स्टैंड, अपर रोड, मस्जिद रोड, गुरूद्वारा रोड होकर वापस मंदिर परिसर में आकर समाप्त हुयी. जिसमें सैकडो श्रद्धालुओं ने हिस्सा लेकर रथ की रस्सी को खींचा. आसनसोल इस्कॉन नामहट ने रविवार को बुधा स्थित इस्कॉन मंदिर परिसर से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र, सुभद्रा के विग्रहो के साथ उल्टा रथयात्रा निकाली गयी. रथ को इस्कॉन के मंदिर के समक्ष लाया गया. प्रधान सेवक के रूप में नगर निगम चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी ने रथ के सामने झाडू देकर रथयात्रा को रवाना किया.
अष्टम् पाठ के बाद भगवान की आरती गौरचंद दास ने की. भगवान जगन्नाथ भाई बलभद्र तथा बहन सुभद्रा के साथ अपने मासी के घर से वापस जाने के लिए रवाना हुये.
रथयात्रा बर्फ कलमोड से निकलकर एसबी गोराई रोड होकर चेलीडंगाल रेलवे फाटक, घडी मोड, बीएनआर ब्रिज, गिरजामोड, हॉटन रोड, नुरूद्दीन रोड मैदाकल मोड, एसबी गोराई रोड होकर वापस मंदिर परिसर में लौट कर पहुंची. विग्रहो की आरती के बाद मंदिर में स्थापित किया गया. इसमें अरूण शर्मा, दयानंद निताई दास, इस्कॉन मंदिर सचिव सुशांत दां, अध्यक्ष आशीष सरकार, सुकुमार सरकार आदि उपस्थित थे.
रानीगंज में जगन्नाथ के साथ दामोदर की भी पूजा
रानीगंज. सियारसोल राजपरिवार की ऐतिहासिक उल्टा रथ पूजा हर्षोउल्लास के साथ संपन्न हुई. रविवार को पुराने राजभवन से नये राजभवन तक रथ खींचने में राज परिवार के विट्ठल माल्या शामिल हुए. भगवान जगन्नाथ के साथ-साथ दामोदर चंद्र की पूजा अर्चना की गई. ज्ञात हो वर्ष 1836 में राजपरिवार के गोविंदराम पंडित ने पूजा आरम्भ की थी. सियारसोल स्पोटर्स एंड कल्चरल एसोसिएशन के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभायी. पुलिस ने सुरक्षा की व्यवस्था कर रखी थी. मेला में बच्चों के लिए तरह-तरह के झूला डांसिंग झूला गेम के स्टॉल लगे हैं. लकड़ी तथा लोहा के सामान के साथ ही कटहल, आम, जामुन के पौधों के स्टॉल लगे हैं.
विष्णुपुर में धूमधाम से निकली उल्टी रथयात्रा
बांकुडा. जिले के विभिन्न इलाकों में रविवार को उल्टा रथ की यात्रा निकाली गयी. बिष्णुपुर में काफी धूमधाम से इसे निकाला गया. बांकुडा के व्यापारीहाट रथ कमेटी ने नुतनगंज इलाके से हर्षोल्लास के साथ रथ यात्रा निकाली. बीते सप्ताह रथयात्रा के दौरान हुई मारपीट के तहत श्यामसुंदर रथ कमेटी की रथ यात्रा को प्रशासन की तरफ से अनुमति रद्द की गई थी. जिसको लेकर ही इलाकेके लोगो मे असंतोष था. प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत रथ यात्रा निकालने की अनुमति दी. श्रद्धालुओं ने खुशी जतायी.
प्रभु जगन्नाथ के उलटे रथ में उमड़ी भक्तों की भीड़
दुर्गापुर. दुर्गापुर के विभिन्न इलाकों में भगवान जगन्नाथ के उल्टे रथ में भक्तों की भीड़ उमड़ी. राजीव गांधी स्मारक मैदान में चल रही सप्ताहव्यापी पूजा के पश्चात उन्हें उल्टा रथ पर बिठाकर राजेन्द्र प्रसाद स्थित मंदिर प्रांगण में लाया गया. डीएसपी अधिकारियों ने विधिवत पूजा अर्चना कर इसकी शुरूआत की. सिटी सेंटर के चतुरंग मैदान में इस्कॉन मंदिर द्वारा आयोजित सप्ताहव्यापी पूजा के बाद उल्टा रथ निकाला गया. इस्पात नगर के विभिन्न इलाकों से होकर इस्कॉन मंदिर पहुंचा.
पुरुलिया जिले में उल्टे रथ की रही धूम
आद्रा पुरुलिया जिले में उल्टा रथ के दौरान भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा. सुबह से ही पुरुलिया जिले के विभिन्न स्थानों में श्रद्धालुओं ने उल्टा रथ यात्रा उत्सव के दौरान भगवान जगन्नाथ बलभद्र एवं सुभद्रा की पूजा अर्चना की. भगवान को पुण्य रथ में बैठाकर परिक्रमा की. रथ यात्रा के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. कई स्थानों में भक्तों ने गाजे-बाजे के साथ साथ नृत्य करते हुए रथ यात्रा में हिस्सा लिया.
