सांकतोड़िया : केंद्र सरकार ने सेवानिवृत्त कर्मियों को जनवरी, 2017 से 20 लाख रूपये ग्रेच्यूटी देने की गेंद सार्वजनिक उपक्रम कोल इंडिया प्रबंधन के पाले में डाल दी है. सर्कुलर में कहा गया है कि कोल इंडिया समेत अन्य सार्वजनिक उपक्रम पिछली तिथि से बढ़ी हुए ग्रेच्यूटी देने में सक्षम है, तो वह भुगतान कर सकते हैं.
केंद्र सरकार के इस आदेश के उपरांत स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी की बैठक में श्रमिक संघ प्रतिनिधि प्रमुखता से उठाते हुए लागू कराने का प्रबंधन पर दबाव बनायेंगे. केंद्र द्वारा सेवानिवृत्त कर्मियों को 20 लाख रूपये ग्रेच्यूटी का गजट नोटिफिकेशन 29 मार्च, 2018 को जारी किया. इसके बाद केंद्रीय कर्मियों को एक जनवरी. 2016 से 20 लाख ग्रेच्यूटी देने का आदेश जारी कर दिया गया, पर सीआइएल ने इस आदेश को 20 मार्च, 2018 के बाद सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को देने का फरमान जारी कर दिया.
इससे पहले सेवानिवृत्त हो चुके कोल कर्मियों को नुकसान झेलना पड़ा. पिछले कुछ समय से श्रमिक संघ प्रतिनिधि केंद्रीय कर्मियों की तरह पिछली तिथि की मांग कर रहे हैं, पर सीआइएल प्रबंधन अपनी बात पर अड़ा हुआ है. मंगलवार को मिनिस्ट्री आफ हैवी इंडस्ट्री एंड पब्लिक इंटरप्राइजेस डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक इंटरप्राइजेस के अंडरसेक्रेटरी सैमसुल हक ने आफिस मेमोरंडम जारी किया.
इसमें कोल इंडिया समेत अन्य सार्वजनिक उपक्रम प्रबंधन को एक जनवरी, 2017 के बाद सेवानिवृत्त हुए अधिकारी एवं सुपरवाइजर को ग्रेच्यूटी में 20 लाख देने का निर्णय लेने को अधिकृत कर दिया. आदेश में कहा कि जनवरी, 2017 से 28 मार्च, 2018 के बीच सेवानिवृत्त हो चुके कर्मियों को दस लाख ग्रेच्यूटी दी गई है, उसे बढ़ा कर बीस लाख करने पर प्रस्ताव पारित कर लागू कर सकते हैं. केंद्र सरकार द्वारा उपक्रम प्रबंधन के समक्ष उछाली गई गेंद के बाद सेवानिवृत्त कर्मियों ने राहत की सांस ली है.
इधर सीआइएल प्रबंधन भी यह पत्र मिलने के बाद पशोपेश में पड़ गया है. स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी की बैठक में यह प्रस्ताव प्रमुखता उठने की संभावना बढ़ गई है. श्रमिक संघ प्रतिनिधि अब इस मुद्दे को लेकर प्रबंधन पर दबाव बनायेंगे कि पूर्व तिथि से सेवानिवृत्त कर्मियों को बढ़ी हुई ग्रेच्यूटी का भुगतान किया जाये. लंबे अरसे बाद स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी की बैठक कोलकाता में 13 जुलाई को आयोजित की गई है.
इस बैठक में एचएमएस तथा बीएमएस के दो-दो प्रतिनिधि तथा एटक व सीटू के एक-एक प्रतिनिधि शामिल होंगे. सदस्य संख्या कम होने पर एटक व सीटू ने विरोध करते हुए आपत्ति जताई है. बैठक में दोनों शामिल होंगें अथवा नहीं, इस बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है. बावजूद प्रबंधन ने अपने स्तर पर बैठक की तैयारी पूरी कर ली है. प्रबंधन ने अनुकंपा के आधार पर आश्रितों को नौकरी देना बंद कर दिया है, जबकि इस मामले में स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी की बैठक में कोई निर्णय नहीं हुआ है.
