पानी की किल्लत से जूझ रहे औद्योगिक अंचल के ग्रामीण

जामुड़िया : जामुड़िया के इकड़ा स्थित औद्योगिक क्षेत्र में छोटे-बड़े कारखानों के कारण स्थानीय निवासियों को पेयजल की किल्लत से जूझना पड़ रहा है. 2005 में इस औद्योगिक क्षेत्र की नींव रखी गई थी. यहां छोटे-बड़े कई कारखाने हैं. करखाना शुरू होने के पहले स्थानीय ग्राम इकड़ा, महिषाबुड़ी, बालानपुर, शतकपुर, धसना, वजयनगर एवं शेखपुर में […]

जामुड़िया : जामुड़िया के इकड़ा स्थित औद्योगिक क्षेत्र में छोटे-बड़े कारखानों के कारण स्थानीय निवासियों को पेयजल की किल्लत से जूझना पड़ रहा है. 2005 में इस औद्योगिक क्षेत्र की नींव रखी गई थी. यहां छोटे-बड़े कई कारखाने हैं. करखाना शुरू होने के पहले स्थानीय ग्राम इकड़ा, महिषाबुड़ी, बालानपुर, शतकपुर, धसना, वजयनगर एवं शेखपुर में पीएचई की पाइप लाइन घरों में दी गयी. लेकिन इन घर के नलों में पानी नहीं आता है. जामुड़िया बोरो एक टैंकर से पानी की सप्लाई करता है.
स्थानीय बाशिंदा लक्खीकांत बाउरी, दीनबंधु चटर्जी एवं श्रीनाथ बाउरी ने बताया कि यहां पर पानी की समस्या मुख्य कारण बड़े-बड़े कारखाने हैं. ये गलत तरीके से करखानों के लिये पानी चुराते हैं. ग्रामीण अगर इसकी शिकायत करते हैं, तो उन्हें बुरे अंजाम की धमकी दी जाती है. इसे कोई देखने वाला नहीं है.
ये मनमाने ढंग से पानी चोरी कर कारखाना की जरूरतें पूरा करते हैं. इस कारण और भी अधिक पानी की समस्या उत्पन्न हो गयी है. यहां एक दिन बीच लगाकर टैंकर से पेयजल की आपूर्ति की जाती है. प्रत्येक घर को पीने के लिये चार गैलन पानी मिलता है. पार्षद को समस्या से अवगत कराया गया लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है.

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